जौनपुर। जिले के केराकत कोतवाली के उदियासन उर्फ मुफ्तीगंज में सात अप्रैल को पौत्री ने कई लाख रुपए का जेवरात लेकर ननिहाल अपने मां के पास भाग गयी
उदियासन उर्फ मुफ्तीगंज निवासी आशा देवी की पौत्री प्रियांशी विश्वकर्मा 13 वर्ष आशा देवी के घर पर रह कर कक्षा आठ में पढ़ती थी सात अप्रैल को सुबह हमेशा की तरह स्कूल की गाड़ी आने पर गाड़ी में बैठ कर पढ़ने चली गयी जब स्कूल की छुट्टी हुई तो घर नहीं आयी जब आशा देवी देखा की अभी प्रियांशी नहीं आयी तो ड्राइवर से फोन लगा कर पूछी ड्राइवर ने बताया कि वह कही की आज मझे कुछ काम है काम करके मैं पैदल घर जाऊगीं ड्राइवर ने सोचा कि बगल में ही घर है चली जायेगी क्यों कि उसकी मां नेहा अपने सास से अलग अपने मायके में रहती है जब आशा देवी ने फोन लगा कर अपने बहू से पूछी तो बहु ने बताया कि हां यहां मेरे पास आ गयी है आशा देवी को शक हुआ कि ऐसा कभी नहीं करती है बात क्या है कि बिना बताए ननिहाल चली गयी जब जाकर लाकर खोला तो देखा उसमें रखा जेवरात तीन सोने की चैन एक सोने का ब्रेसलेट दो सोने की अंगुठी एक चांदी का पाजेब एक चांदी का पायल एक जोड़ा सोने की कान की झाली चुरा कर ननिहाल भाग गयी इसकी सुचना मुफ्तीगंज चौकी और केराकत थाने पर लिखित देदी है केराकत पुलिस जांच में जुट गयी है।
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