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फोटो- सरसों का खली जो तेल निकलने के बाद बचता है

JAUNPUR. सरसों के खली का बनाएं खाद और पेड़ों को बनाएं हरा भरा

JAUNPUR. गर्मियों का मौसम न केवल इंसानों बल्कि पौधों के लिए भी एक कठिन समय होता है। तेज़ धूप, सूखी हवा, नमी और पानी की कमी पौधों की वृद्धि को प्रभावित करती है। ऐसे समय में पौधों को ऐसे पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है जो उनकी जड़ों को मज़बूत करें, हरियाली बनाए रखें और फूल-फल लाने में सहायक हों। सरसों की खली अंग्रेजी में Mustard Cake एक ऐसा जैविक उर्वरक है जो प्राकृतिक रूप से पौधों को पोषण प्रदान करता है और पौधों की संपूर्ण सेहत सुधारने में मदद करता है। वैसे तो यह सामान्य मौसम में सभी पौधों पर विभिन्न प्रकार से प्रयोग किया जाता है पर क्या सरसों की खली का प्रयोग गर्मियों के मौसम में भी पौधों पर करना उचित है? आज का यह लेख आपको यही बताएगा की इसका प्रयोग सुरक्षित है या नही!!

हाल ही में बागवानी प्रारंभ करने वाले बागवानी प्रेमियों को शायद सरसों की खली के बारे में न पता हो तो, सबसे पहले आप को बता दूं, सरसों के बीजों से तेल निकालने के बाद बचा हुआ ठोस पदार्थ ही सरसों की खाली कहलाता है। आमतौर पर इसका प्रयोग जानवरों को भूसा के साथ सानी बना कर दिया जाता है। जिससे गाय हो या भैस तंदरुस्त रहते हैं। अधिक दूध देते हैं। यह जितना जानवरों के लिये पोस्टिक है उतना ही पौधों के लिए लाभदायक होता है। पौधों पर यह एक जैविक खाद के रूप में काम करता है। यह मुख्य रूप से नाइट्रोजन से भरपूर होता है, और इसमें फॉस्फोरस और पोटैशियम भी थोड़ी मात्रा में उपलब्ध होता हैं। इसमें सल्फर के साथ मैग्नीशियम, कैल्शियम और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्व भी होते हैं जो पौधों के विकास को बढ़ावा देते हैं। यह मिट्टी में प्राकृतिक कीटनाशक का काम भी करता है। यह पौधों की बढ़वार, हरी पत्तियों को लाने और जड़ों के विकास में सहायक होता है।

गर्मियों में सरसों खाली का उपयोग उपयुक्त है या नहीं?
तो में आपको बता दूँ हां है, बिल्कुल है। इसे उपयोग जरूर करना चाहिए। किसी भ्रांति में नही फसना चाहिए कि ये गर्म होता है, जड़े जल जाएगी या कुछ और। लेकिन इसे प्रयोग करने की कुछ सावधानियों के साथ। इसके प्रयोग का सबसे उपयुक्त तरीका है इसे पानी मे गला कर घोल तैयार करके पौधों को शाम को या सुबह-सुबह ठंडे मौसम में देना।

किन पौधों में प्रयोग कर सकते हैं ?
सरसों की खली लगभग सभी प्रकार के पौधों के लिए उपयुक्त है। जैसे:
• फूल वाले पौधे: गुलाब, गेंदा, हिबिस्कस, चंपा, चमेली, कनेर
• फलदार पौधे: टमाटर, मिर्च, नींबू, अमरूद (छोटे गमलों में), स्ट्रॉबेरी
• सब्ज़ियाँ: लौकी, भिंडी, बैंगन, पालक, धनिया, करी पत्ता
• सजावटी पौधे: रबर प्लांट, स्नेक प्लांट, एरेका पाम आदि। इनमें बहुत सीमित मात्रा में देना चाहिए।

खली का कैसे प्रयोग करें?
(क) मिट्टी में खली को पीस के पाउडर के रूप में देना। पर कब जब गर्मी कम हो या बारिश के मौसम से पहले।
• मिट्टी की गुडाई करें।
• 6-8 इंच गमले में: 1 छोटी चम्मच
• 10-12 इंच गमले में: 1 बड़ा चम्मच
• 14+ इंच गमले में: 2 बड़े चम्मच
• मुख्य तने से दूर गमले में चारो तरफ डाल के मिट्टी से ढक दें और तुरंत हल्के हांथो से पानी दें। गमले को छाया में रखें या शाम को दें।

(ख) खली का पानी में घोल बना कर। यह गर्मियों के लिए सबसे सुरक्षित तरीका है।
• गमले के आकार के अनुसार उपयोग:
– 6-8 इंच गमला: 200-300 मि.ली. घोल
– 10-12 इंच गमला: 400-500 मि.ली.
– 14+ इंच गमला: 700 मि.ली. – 1 लीटर

* सावधानियाँ और गलतियाँ:
कभी भी ताज़ा खली सीधे गमले में न डालें।
• खली का घोल भिगोने के 3 दिन बाद ही देना चाहिए।
• तेज धूप में खाद न दें – सुबह या शाम को दें।
• बताई गई मात्रा में ही तैयार कर निर्देश अनुसार ही दे।
• अधिक मात्रा में देने से पौधों की जड़ें जल सकती हैं।
• घर के अंदर घोल तैयार न करें। खुले स्थान पर रखें।

सरसों की खली का घोल कैसे बनाएं?

सामग्री:
100 ग्राम सरसों की खली
• 1 लीटर पानी
• एक ढक्कनदार बाल्टी

विधि:
खली को पानी में डालें और अच्छे से मिलाएं।
• बाल्टी को ढककर 3-4 दिन किसी छायादार स्थान पर रखें।
• दिन में एक बार जरूर चलाये।
• 3-4 दिन बाद छान के 9 से 10 लीटर पानी में पतला घोल तैयार करके पौधों को दें।
• महीने में 2 बार प्रयोग पर्याप्त है।
• प्रयोग के 1 से 2 दिन बाद मिट्टी की गुडाई जरूर करें।

■ प्रभाव
• प्रयोग के 10 -15 दिनों में पौधों की हरीतिमा बढ़ेगी, नई पत्तियाँ निकलेंगी, फूल और नई कलियाँ आने लगती हैं। • • सब्ज़ियों में नई शाखाएँ और जड़ें मजबूत होती हैं।

■ संग्रहण
• तैयार घोल को 15 दिन के अंदर प्रयोग करलें।
• बेहतर होगा जितना उपयोग उतना ही तैयार करें।

तो अब आप समझ ही गए होंगे कि सरसों की खली सर्दियों के साथ गर्मियों में भी प्रयोग कर सकते हैं। और बारिश में जब सूखा मौसम हो तो सूखी खली का ही प्रयोग करें।

क्या यह जानकारी आपको उपयोगी लगी?
कृपया कॉमेंट करके जरूर बताये। अगर अच्छी लगी है तो अपने बागवानी प्रेमी दोस्तों के साथ इसे साझा जरूर करें। आपका एक छोटा सा प्रयास किसी का गार्डन हरा भरा और बेहतर बना सकता है।

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