MUMBAI. मुंबई में गरीब कामगारों और नेत्र बाधित कन्याओं को निरंतर निःशुल्क नेत्र चिकित्सा उपलब्ध कराने का संकल्प टंडन नेत्र चिकित्सालय आगे भी निभाता रहेगा। यह विचार प्रसिद्ध नेत्र सर्जन एवं टंडन नेत्र चिकित्सालय के संचालक डॉ. अशोक टंडन ने व्यक्त किए।

सोमवार को अंधेरी (पश्चिम) के जेपी रोड, मनीषनगर स्थित अडानी इंस्पायर में टंडन नेत्र चिकित्सालय के दूसरे स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ. टंडन ने कहा कि इस चिकित्सालय की स्थापना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, विशेषकर गरीब कामगारों और नेत्र बाधित कन्याओं को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा सेवा प्रदान करना है।
डॉ. टंडन ने कहा कि आज भी समाज में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जो आर्थिक तंगी के कारण समय पर आंखों का इलाज नहीं करवा पाते और धीरे-धीरे दृष्टिहीनता का शिकार हो जाते हैं। ऐसे जरूरतमंद लोगों को रोशनी और खुशियों की सौगात देने के उद्देश्य से ही टंडन नेत्र चिकित्सालय की नींव डाली गई है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में यह चिकित्सालय समाजसेवा और नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में जरूरतमंदों के लिए वरदान साबित होगा।
‘सुदृष्टि योजना’ के तहत मुफ्त इलाज-
डॉ. टंडन ने बताया कि चिकित्सालय द्वारा ‘सुदृष्टि योजना’ संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक सप्ताह एक दिन गरीब कामगारों और नेत्र बाधित कन्याओं का पूर्णतः निःशुल्क उपचार किया जाता है। उन्होंने कहा कि समाज में सक्षम लोगों की सेवा तो सभी करते हैं, लेकिन जरूरतमंद और अक्षम व्यक्तियों की सेवा विरले ही लोग करते हैं। अक्षम लोगों की सेवा करना ही सच्चा पुण्य कार्य है।
मुख्य अतिथि नवनिर्वाचित नगरसेविका एवं मनपा के/पश्चिम प्रभाग समिति की पूर्व अध्यक्ष सुधा सिंह ने कहा कि टंडन नेत्र चिकित्सालय द्वारा जरूरतमंदों को रोशनी देने का जो प्रयास किया जा रहा है, वह निश्चित रूप से समाज के लिए प्रेरणादायी है और सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक सिद्ध होगा।
कार्यक्रम के दौरान नवनिर्वाचित नगरसेविका सुधा सिंह का टंडन नेत्र चिकित्सालय परिवार की ओर से सत्कार किया गया।
इस अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
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