जौनपुर। सरकारी धन के कथित गबन के मामले में रामपुर थाना पुलिस ने सोमवार, 20 अक्टूबर 2026 को रामनगर विकास खंड की ग्राम पंचायत दमौदरा के ग्राम प्रधान अजीत कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी अपराध की रोकथाम एवं आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।
“गोशाला की धनराशि के कथित गबन का मामला, मनरेगा कार्यों में भी अनियमितता के आरोप; पुलिस ने हिरासत में लेकर शुरू की विधिक कार्रवाई”
पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक जौनपुर के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी मड़ियाहूं के मार्गदर्शन में रामपुर थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तार ग्राम प्रधान अजीत कुमार सिंह पुत्र जय सिंह निवासी ग्राम दमौदरा, थाना रामपुर, जनपद जौनपुर के विरुद्ध सरकारी धन के कथित गबन से संबंधित मुकदमा दर्ज है।
गौशाला की धनराशि के हस्तांतरण का आरोप
उपलब्ध विभागीय जांच रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम पंचायत दमौदरा में संचालित अस्थायी गोआश्रय स्थल के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में कुल 62,30,849 रुपये की धनराशि का उल्लेख है। जांच में आरोप लगाया गया कि गोशाला के भरण-पोषण के लिए उपलब्ध कराई गई धनराशि ग्राम प्रधान की माता हिरावती देवी के बैंक खाते में हस्तांतरित की गई। विभागीय जांच में इस लेन-देन को वित्तीय अनियमितता का विषय माना गया।
इसके अलावा, मनरेगा योजना के तहत अमृत सरोवर की खुदाई एवं सुंदरीकरण के कार्य में मजदूरों के बजाय जेसीबी मशीन से काम कराने तथा मजदूरी मद में 28, 81, 900 रुपये के भुगतान को लेकर भी अनियमितता के आरोप सामने आए थे।
विभागीय जांच के बाद दर्ज हुई थी प्राथमिकी
दस्तावेजों के अनुसार, मामले में विभागीय जांच के बाद रामपुर थाने में 18 सितंबर 2026 को मुकदमा अपराध संख्या 183/2026, भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले में तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव संदीप कुमार का नाम भी विभागीय शिकायत में शामिल है।
पुलिस प्रेस नोट में गिरफ्तार ग्राम प्रधान के विरुद्ध एक अन्य मुकदमा अपराध संख्या 211/2026 का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 115(2), 132, 221, 351(2) और 352 दर्ज बताई गई हैं।
तीन सदस्यीय पुलिस टीम ने की गिरफ्तारी
प्रेस नोट के मुताबिक, गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक रामाश्रय कुशवाहा, हेड कांस्टेबल अनुरुद्ध प्रसाद और कांस्टेबल नवीन राव शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
ग्राम पंचायत में सरकारी धन के उपयोग और विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। अब पुलिस की विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान आरोपों से जुड़े तथ्यों की जांच होगी। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में साक्ष्यों के आधार पर होगी।
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