KERAKAT. उत्तर प्रदेश सरकार जहां हर वर्ष हजारों पौधों का पौधारोपण कर जिले में हरित क्रांति लाने का दावा करती फिर रही है वहीं उनकी हुक्मरान हरित क्रांति पर पलीता लगाने पर लगे हुए। जिसका जीता जागता उदाहरण जौनपुर जिले की मुफ्तीगंज विकास खंड क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। यहां पर हरे पेड़ों की कटाई धड़ल्ले से चल रही है। फारेस्टर की मिली भगत से हरे पेड़ो की कटाई कर वातावरण को प्रदूषण किया जा रहा है। और लाखों रुपए की मुनाफा लेकर फॉरेस्टर मजे लूट रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार फारेस्ट गार्ड के मिली भगत से विकास खंड मुफ्तीगंज के मुर्तजाबाद गांव में हरे पेड़ की कटाई धड़ल्ले से चल रही है विकास खंड केराकत के नोनमटिया में रेलवे का दो पेड़ शीशम काट कर बेच दिया गया और उसी विकास खंड के रतनुपुर में कदम का पेड़ विभाग के कर्मचारियों के मिली भगत से कट गया। बड़े अधिकारी गहरी नींद में सोये हुए है। इसकी जानकारी जब डीएफओ से फोन कर बीआरसी 24 न्यूज़ के रिपोर्टर ने लेना चाहा तो डीएफओ साहब ने केराकत रेंजर का नम्बर बता कर अपने जिम्मेदारी से मुक्त हो गये। केराकत वन विभाग के रेंजर संतोष यादव से बात हुई तो उन्होने बताया कि इसकी जांच करवा कर फारेस्टर गार्ड के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। जबकि सरकार एक तरफ पैसा खर्च कर पेड़ लगवा रही है तो दूसरी तरफ वन विभाग के कर्मचारी अधिकारी लिप्त हो कर हरे पेड़ों की कटाई करवा मुनाफा कमाने के चक्कर में पड़े हुए हैं।
BRC24NEWS अब खबर दिखेगी