MARIYAHU. जौनपुर जिले की मड़ियाहूं तहसील के करीब 200 से अधिक अधिवक्ताओं के सम्मान से खिलवाड़ करने वाले नवागत एसडीएम का परिचय समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। एसडीएम की परिचय समारोह में अधिवक्ताओं ने जहां समस्याओं का अम्बार बताया वही एसडीएम ने बार और बेंच से संबंध बनाने की बात करते हुए अपना मधुर परिचय दिया।
अधिवक्ताओं के सम्मान से एसडीएम ने क्या किया खिलवाड़
कहावत है “पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं” यह कहावत नवागत एसडीएम के ऊपर सटीक बैठता है। मड़ियाहूं तहसील के एक लेखपाल द्वारा अधिवक्ताओं पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में तहसील अध्यक्ष समेत अधिवक्ताओं के नौ प्रतिनिधि मंडल नवागत एसडीएम सुनील कुमार भारती से मिलकर उक्त लेखपाल के ऊपर कारवाई करने की मांग किया और तीन कार्य दिवस का एसडीएम ने समय भी दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं किया गया बल्कि लेखपाल को बचाने में एसडीएम अपना भूमिका बनाते रहे और एसडीएम अधिवक्ताओं के सम्मान से खिलवाड़ करते रहे। अंत में अधिवक्ताओं का पैनल जिलाधिकारी डॉ दिनेश चंद्र से मिलकर अपनी समस्या रखी जिसके बाद जिलाधिकारी ने लेखपाल का ट्रांसफर मड़ियाहूं से मछलीशहर तहसील में किया।

नवागत एसडीएम का कैसे हुआ स्वागत परिचय
तहसील सभागार में 24 जून की अपराह्न बार एसोसिएशन मड़ियाहूं की तरफ से स्वागत परिचय समारोह का आयोजन किया गया। इस परिचय समारोह में एसडीएम सुनील कुमार भारती ने अपना परिचय देते हुए बताया किसके पूर्व में सदर और केराकत तहसील में रह चुका हो जहां मैं रहा वहां नंबर एक पर रह कार्य किया चाहे आईजीआरएस का मामला हो अथवा न्यायालय का मामला हो। मड़ियाहू तहसील में आया हूं बार और बेंच का मधुर संबंध बनाकर काम करने का कार्य करूंगा।
वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रेश यादव ने कहा कि एसडीएम साहब केराकत, सदर तहसील में रहकर कार्य किया है। जो कार्य आपने किया है वह बार बेंच का संबंध मधुर बनाने के लिए ही किया है। निश्चित ही अधिवक्ता आगामी दिनों में आपके सम्मान में मड़ियाहूं तहसील में कोई कमी नहीं करेंगे।
वरिष्ठ अधिवक्ता इंद्रजीत भारती ने कहा कि बार बेंच का संबंध अच्छा होना चाहिए जिससे न्याय मिलने में वादकारियों को कोई परेशानी ना हो।
पूर्व महामंत्री राकेश गौतम ने कहा कि अधिवक्ताओं का सम्मान ही बार-बेंच का सम्मान होता है।

तहसील के महामंत्री देवेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि हम बार एसोसिएशन की तरफ से एसडीम महोदय का दिल की गहराइयों से मड़ियाहूं तहसील में स्वागत करते हैं उन्होंने कहा कि यह तहसील सदर और केराकत तहसील से भिन्न है। यहां अधिवक्ता अपने अधिकारी का सम्मान करते हैं लेकिन अगर अधिकारी अधिवक्ताओं का सम्मान नहीं करता तो उनका विरोध करने में भी पीछे नहीं रहता है।
इसी तरह तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सूर्यमणि यादव ने कहा कि बार बेंच का संबंध मधुर बनाने के लिए मैं अपनी बार की तरफ से एसडीएम और मौजूद अन्य नायब साहबान का स्वागत अभिनंदन करता हूं। उन्होंने कहा कि एसडीएम साहब से अपेक्षा की जा रही है कि वह अधिवक्ताओं के सम्मान पर खड़े उतरेंगे उन्होंने यह भी समझाया कि न्यायालय के डायस पर फैसला एक सतत प्रक्रिया वह चाहे गलत हो अथवा सही हो उसे मड़ियाहूं के अधिवक्ता सहस्त्र स्वीकार करते हैं। उसमें कोई भी अधिवक्ता विरोध नहीं करता है। फैसला गलत लगने पर वह अधिवक्ता अपील, रिवीजन कर पुनः मुकदमें की पैरवी करेगा। लेकिन एक बात जरूर मैं इस परिचय सम्मान के द्वारा कहना चाहता हूं कि अधिवक्ताओं के सम्मान को कभी भी ठेस न पहुंचा जाए वरना हमारा बार एसोसिएशन अधिवक्ताओं के साथ हमेशा खड़ा दिखाई पड़ेगा।
अंत में नवागत एसडीएम सुनील भारती ने कुछ कविताओं के माध्यम से अधिवक्ताओं को बहुत कुछ समझा गए। अगर कविता की उनकी पहली लाइन अधिवक्ता समझ ले तो पूरी परिचय सम्मान का एक अलग ही उत्साह देखने को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि……………………
*लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती*
*नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है
आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती*
अंत में एसडीएम ने कहा कि हम बार- बेंच का हमेशा सम्मान करते हैं और आगे भी करते रहेंगे।
परिचय स्वागत समारोह में तहसीलदार अजीत कुमार, नायब तहसीलदार सत्येंद्र कुमार मौर्य, संदीप कुमार सिंह के अलावा तहसील के वरिष्ठ, कनिष्ठ, पूर्व अध्यक्ष, पूर्व महामंत्री एवं जूनियर अधिवक्ता और वर्तमान पदाधिकारी अधिवक्ता मौजूद रहे। अधिवक्ता अमरनाथ गौतम कवि जी ने अपनी कविता से लोगों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र कुमार दुबे ने किया।
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