JAUNPUR. बुधवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर रिंकू सिंह को बीएसए बनाए जाने वाली खबर ने इन दिनों शिक्षा क्षेत्र में भूचाल सा ला दिया है जिसे लेकर लोगों के बीच से मिली जुली प्रतिक्रियाएं आने लगी है। सरकार के इस फैसले के विरुद्ध क्षेत्र के शिक्षाविदों समेत शैक्षिक संगठनों ने अपनी कड़ी नाराजगी जताई है। जहां एक ओर कुछ वर्ग इस निर्णय को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत मान रहे हैं, वहीं शिक्षाविदों और शिक्षा से जुड़े संगठनों ने गहरी नाराजगी जताई है ।
गौरतलब हो कि प्रदेश के अलीगढ़ जिले के रिंकू सिंह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नामचीन क्रिकेटर हैं। जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदेश का नाम रोशन किया है। हालांकि उनके संघर्ष और सफलता की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत रही है, पर वर्तमान में शिक्षा विभाग की बीएसए जैसे प्रशासनिक पद पर होने वाली उनकी तैनाती की खबर ने जहां उनको सुर्खियों में ला दिया है, वहीं शिक्षा क्षेत्र में उक्त खबर ने भूचाल सा ला दिया है। मामले को लेकर लोगों ने अपनी मिली जुली प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दी है।
इस संबंध में शनिवार को क्षेत्र में लोगों की प्रतिक्रिया जानने के लिए सम्पर्क किया गया तो जहां लोगों ने उक्त क्रिकेटर को खेल जगत में युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया, वहीं पर अधिकांशतः लोगों ने शिक्षा क्षेत्र के बीएसए जैसे प्रशासनिक पद पर तैनाती करने को सरकार के इस नीति पर कड़ी नाराजगी जताई। बाल संरचना इण्टरमीडिएट कालेज के प्रबंधक सुरेश पाण्डेय द्वारा प्रोत्साहन स्वरूप सरकार के इस फैसले को जहां सराहा गया वहीं शिक्षा विभाग के उक्त पद पर रिंकू सिंह की तैनाती वाले निर्णय को अनुचित बताया गया । प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष डॉ रणंजय सिंह ने इस फैसले को प्रतियोगी छात्रों के लिए हानिकारक बताया, उन्होंने कहा कि योग्यता के विपरीत राजपत्रित अधिकारी जैसे पद पर तैनाती करने का सरकार द्वारा लिया गया फैसला सरासर ग़लत है। इस पर सरकार को पुनर्विचार करनी चाहिए। टीएससीटी जिलाध्यक्ष अरविन्द कुमार यादव ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए शिक्षा विभाग में इस प्रक्रिया को न अपनाने की राय दी गई।जिला उपाध्यक्ष सतीश सिंह ने अपना कड़ा विरोध जताते हुए खेल जगत से शिक्षा महकमे में तैनाती को सरासर ग़लत बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को सरकार सुरक्षा विभाग से लगायत अन्य विभागों में भले ही तैनाती दे पर शिक्षा विभाग में उक्त निर्णय गलत है।
बहरहाल क्रिकेटर रिंकू सिंह भले ही अपनी प्रतिभा से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश की एक अलग पहचान बनाए। लेकिन खेल जगत से बिना आवश्यक प्रशासनिक योग्यता के बीएसए जैसे संवेदनशील पद पर तैनाती दी जाने वाली खबर ने शिक्षा क्षेत्र में भूचाल सा ला दिया है। मौजूदा समय में यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था में योग्यता, निष्पक्षता और पारदर्शिता की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है।
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