जौनपुर। जिले की मड़ियाहूं तहसील में आइजीआरएस से हुए शिकायतों के निस्तारण में लेखपालों द्वारा भ्रष्टाचार पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है लेकिन जिले की मुखिया अपनी आंख मुदकर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के सपनों पर पलीता लगा रहे हैं। वही किसान शिकायतों का सही ढंग से निस्तारण नहीं होने के कारण कागज का टुकड़ा लेकर अधिकारियों की चौखट पर प्रतिदिन दौड़ लगाता फिर रहा है हालत यह हो जाती है कि लेखपालों की लापरवाही के कारण हत्या तक हो जा रही है, बदलापुर, बक्सा इसी लापरवाही का एक हिस्सा कहा जा सकता है।

आईजीआरएस के निस्तारण में मड़ियाहूं तहसील प्रदेश में कागजों पर आलीशान है लेकिन धरातल पर पूरी तरह फिसद्दी साबित हो रही है।
जिसका जीता जागता उदाहरण मड़ियाहूं तहसील है। रामपुर थाना क्षेत्र के रघोराम पट्टी माफी में बच्चन मिश्रा निवास करते हैं। तहसील की लेखपालों ने अपनी जादुई कलम से उनके आबादी में बने पक्के मकान को दूसरे के नाम घरौंदी बना दिया। जब इस बात की जानकारी बच्चन मिश्रा को हुई तो एक पखवाड़े पूर्व वह तहसील समाधान दिवस में पहुंचकर वहां बैठे उपजिलाधिकारी नवीन कुमार से शिकायत किया। शिकायत के निस्तारण के लिए बच्चन को बताया गया कि ऑनलाइन से जानकारी आपको दे दिया जाएगा।

4 जून को बच्चन मिश्रा जन सेवा केंद्र में पहुंचकर अपने शिकायत की जब जानकारी चाही तो क्षेत्रीय हल्का लेखपाल द्वारा शिकायत पूरी तरह निस्तारित कर दिया गया था और वहां एक शिकायती निस्तारण का पत्र भी अपलोड किया गया था।
जन सेवा केंद्र ने जब किसान के शिकायत की निस्तारण का अपलोड हुआ पत्र हाथ में पकड़ाया तो पीड़ित बच्चन का मानों जमीन से पैर खिसक गया।
इस बार फिर हल्का लेखपाल का चमत्कारी एवं जादुई कलम ने सपही गांव के एक जमीन के मामले का निस्तारण का जिक्र करते हुए बच्चन मिश्रा के आईजीआरएस का निपटारा कर दिया गया था। थोड़ी देर में ही इस चमत्कारी मामले की जानकारी हल्का लेखपाल विपिन कुमार यादव को हुई तो उन्होंने आनन फानन आईजीआरएस की साइट को अपने आईडी से संशोधित करते हुए किसान को बताया कि वह शिकायत के निस्तारण से असंतुष्ट है इसलिए इसकी जांच पुनः कराई जाएगी और पोर्टल पर शिकायत को लंबित बताया गया। लेखपाल ने पीड़ित को बताया कि अभी आप की शिकायत लंबित है यह आप गलत साइड खोल दिए थे जिसके कारण आपको गलत रिपोर्ट मिल गया।
सोचिए जरा लेखपाल किसानों को किस प्रकार मूर्ख बना रहा है उसको पता नहीं है कि जिस आइजीआरएस के शिकायती नंबर पर वह अपना निस्तारण देख रहा है उसके मोबाइल पर ओटीपी आता है तब जाकर उक्त पोर्टल खुलता है और शिकायत की निस्तारण का पता लगता है।
इस संबंध में हल्का लेखपाल विपिन कुमार यादव से बीआरसी 24 न्यूज़ ने जानकारी चाही तो उसने बताया कि अभी शिकायत लंबित है जो किसान ने जानकारी दिया वह पूरी तरह गलत है, किसान भ्रामक जानकारी दे रहा है।
वाह रे लेखपाल साहब यह कहावत पूरी तरह आप पर फिट बैठ रही है “ना खाता न बही जो आप कहे वही सही!

BRC24NEWS अब खबर दिखेगी