जौनपुर। जिले के रामपुर थाना क्षेत्र के पचवल टोल टैक्स के समीप सोमवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। श्री हंसराज कैरियर पब्लिक स्कूल, खेमापुर, रामपुर की स्कूली बस को पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बस का अगला शीशा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोगों की भारी भीड़ एकत्र हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के समय बस में विद्यालय के कई छात्र-छात्राएं सवार थे। हादसे के बाद बच्चों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी भी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई। सभी बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं। बताते हैं उक्त बस का नंबर UP-62-BT 8018 है। दुर्घटना के समय उक्त नंबर गायब था। अगर यह सही नंबर है तो एम परिवहन पर आप इसकी स्थिति चेक कर सकते हैं।
उक्त बस का परिवहन के साइट पर देखा गया तो बस का परमिट 25 फरवरी 2026 तक था जबकि फिटनेस 28 फरवरी 2025 को फेल हो चुका है वहीं इंश्योरेंस भी 12 मार्च 2025 को खत्म हो चुका है। विद्यालय प्रबंधन ने दावा किया कि तत्काल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई सोचिए जरा जब वाहन का सब कुछ फेल है तो बच्चों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित हो गई। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हुई बल्कि बच्चों की जान जोखिम में डालकर उनके जीवन से खिलवाड़ करने का काम किया जा रहा है”
विद्यालय के प्रबंधक रविंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि दुर्घटना के बाद तत्काल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। एहतियात के तौर पर सभी बच्चों को सुरक्षित उनके घर भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा से कोई जनहानि नहीं हुई, जिससे विद्यालय परिवार और अभिभावकों ने राहत की सांस ली।

इसी दौरान मड़ियाहूँ विधानसभा क्षेत्र के भ्रमण पर निकले विधायक डॉ. आर.के. पटेल भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त बस का निरीक्षण किया और बच्चों की कुशलक्षेम की जानकारी ली। विधायक ने कहा कि सभी बच्चों का सुरक्षित होना ईश्वर की असीम कृपा है, लेकिन इस तरह की घटनाएं मन को भीतर तक झकझोर देती हैं।

उन्होंने विद्यालय प्रबंधन, बस संचालकों और वाहन चालकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से स्कूल बसों को गलत लेन में न चलाने तथा सभी यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी।

डॉ. पटेल ने कहा, “कुछ मिनट देर से पहुंचना स्वीकार किया जा सकता है, लेकिन किसी भी मासूम बच्चे के जीवन को खतरे में डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। हम सबकी छोटी-सी सावधानी किसी परिवार की खुशियां और बच्चों का भविष्य सुरक्षित रख सकती है।”

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी स्कूल वाहनों की नियमित जांच, सुरक्षित संचालन और यातायात नियमों के कड़ाई से पालन की आवश्यकता पर जोर दिया। हादसे में सभी बच्चों के सुरक्षित रहने से अभिभावकों ने राहत की सांस ली, वहीं इस घटना ने एक बार फिर स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था और सड़क पर सतर्कता की जरूरत को उजागर कर दिया।
BRC24NEWS अब खबर दिखेगी