Breaking News
फोटो- पीड़ित सुरेश प्रजापति का मुख्य द्वार

RAMPUR. ट्रिपल मर्डर जैसा रामपुर बाजार में भी बन रहा योग, अधिकारी बने लापरवाह

RAMPUR. जौनपुर जिले के मड़ियाहू तहसील के रामपुर बाजार में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना से बाजारवासियों को हिलाकर रख दिया है। तहसील के अधिकारियों की लापरवाही के चलते जफराबाद ट्रिपल मर्डर जैसा मौके पर अप्रिय घटना का योग बनता दिखाई पड़ रहा है। ऐसा लगता है कि बाजार में अधिकारी भी अप्रिय घटना घटने का इंतजार करते नजर आ रहे हैं।
गौरतलब है कि रामपुर बाजार में सुरेश प्रजापति और आनंद कन्नौजिया से काफी दिनों से जमीनी विवाद चला आ रहा है। बताते हैं कि उपरोक्त जमीन को लेकर दीवानी न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त है वही कमिश्नरी में भी वाद विचाराधीन है। सुरेश प्रजापति मजदूरी का काम करता है तो वही उनके पड़ोसी आर्थिक नगरी में रहकर पैसे वाला बन चुका है। हल्का लेखपाल की माना जाए तो आनंद कन्नौजिया अपने हिस्से की जमीन पर निर्माण कर डाला है।

फाईल फोटो -पक्की इटों से मजदूर सुरेश प्रजापति का एसडीएम के मौखिक आदेश पर बंद हो रहा दरवाजा

एसडीएम के मौखिक आदेश पर गरीब की झोपड़ी में जाने का एकमात्र रास्ता हो रहा बंद
आरोप है कि बीते शनिवार को थाना समाधान दिवस पर पहुंचे मड़ियाहू एसडीएम कुणाल गौरव ने दफा 24 के नाम पर सुरेश प्रजापति की मकान का मुख्य दरवाजा बंद करने का तालिबानी फरमान जारी कर दिया। फिर क्या सोमवार की सुबह से ही विपक्षी कन्नौजिया ने देखते ही देखते दर्जनों राज मिस्रियों के साथ सुरेश प्रजापति के मुख्य दरवाजा को बंद करते हुए 10 से 12 फीट ऊंची 5 इंच की दीवाल उठा डाला। इसके बाद इस घटना और तालीबानी फरमान की कथा को जो सुना और मौके की स्थिति को दिखा वहीं अधिकारियों को भला बुरा कहने लगा। बाजारवासी बोले एसडीएम का आदेश पूरी तरह शर्मनाक है।

वीडियो देखें लिंक पर क्लिक करें –https://youtu.be/tTEdu9BZ2RU?si=19QK0YhEdOtnWubG
एसडीएम कुणाल गौरव की कानून क्या कहती है
एसडीएम कुणाल गौरव के न्यायिक कार्य को देखा जाए तो वह अपने न्यायालय में बैठकर सीधे तौर पर आदेश देते हैं कि आबादी से आच्छादित किसी भी जमीन का पैमाइश नहीं हो सकता। जिसकी नजीर उनके द्वारा जारी कई आदेश भी मौजूद है। इसके बावजूद एसडीएम ने थाना समाधान दिवस पर यह तालिबानी फरमान कैसे जारी कर दिया लोगों की समझ से परे है।
हल्का लेखपाल विपिन कुमार यादव ने क्या कहा
हल्का लेखपाल विपिन कुमार यादव ने लिखित अवगत कराया है की पूरी जमीन आबादी से आच्छादित है और आनंद कन्नौजिया अपने हिस्से की जमीन पर पूर्णत: काबिज है। इसके बावजूद अगर उनकी जमीन होगी भी तो मानवता दिखाते हुए आने जाने का रास्ता छोड़ देना चाहिए था।

फोटो- पीड़ित सुरेश प्रजापति जिसका बंद करवाया जा रहा दरवाजा

एससी एसटी और पुलिस के भय ने पीड़ित को कदम बढ़ाने से रोका
पीड़ित सुरेश प्रजापति की माना जाए तो आनंद कन्नौजिया अपने परिवार के साथ एससी एसटी का मुकदमा दर्ज करवाने का धमकी देता है वही अगर सुरेश प्रजापति अपनी बात करने के लिए थाना पुलिस के पास जाता है तो उसे बंद कर शांति भंग में चालान कर दिया जाता है जिसके कारण उसका हजारों रुपए का नुकसान हो जाता है और कई घंटे थाने में रहकर मानसिक प्रताड़ना अलग से झेलनी पड़ती है। सुरेश प्रजापति बोला इतना पैसा नहीं है कि मैं अधिकारियों पर खर्च कर सकूं। अदालत के मुकदमे में पूरी तरह बर्बाद हो चुका हूं मुकदमे में समय लगता है। कहा जिस प्रकार एसडीएम मेरे दरवाजे को बंद कर रहे हैं भगवान के घर देर है अंधेर नहीं है।


अधिकारियों के चलते ‌अप्रिय घटना का बन रहा है योग
जिले के जफराबाद में ट्रिपल मर्डर की गुत्थी अभी सुलझी भी नहीं कि रामपुर बाजार में भी अप्रिय घटना का योग अधिकारियों के चलते बनता दिखाई पड़ रहा है। एसडीएम द्वारा मुख्य दरवाजा बंद करवाने से सुरेश प्रजापति पूरी तरह मानसिक उत्पीड़न से ग्रसित हो गया है। बाजार में वह जगह-जगह घूम कर कह रहा है 10 जून तक हम मजदूरी करने का काम ले चुके हैं शादी विवाह चल रहा है 10 जून के बाद न तो एसडीएम मुझे रोक पाएंगे और न ही रामपुर की पुलिस ही रोक पाएगी।
जाको राखे साइयां मार सके ना कोई की कहावत हो रही चरित्र
रामपुर बाजार में सुरेश प्रजापति के पक्के मकान की दरवाजा को पक्के ईट में 10 से 12 फीट ऊंचा उठाकर मुंद देने के बाद निर्माणकर्ता के सामने ही कच्ची जुड़ाई होने के कारण सोमवार की शाम 4:00 बजे पुरी की पूरी दीवाल भरभराकर गिर गई। इसके बाद आनंद कन्नौजिया ने थाने पर पहुंचकर पुलिस कर्मियों से कहा कि सुरेश प्रजापति ने पूरी दीवाल को गिरा दिया जबकि मौके पर सुरेश प्रजापति था ही नहीं, लेकिन उसे फंसाने की चाहत रखने वाला आनंद कन्नौजिया पुलिस से गिड़गिड़ाता रहा। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि घर के अंदर जाने के लिए कोई रास्ता था ही नहीं। जब तक दीवाल के पीछे कोई नहीं पहुंचता तब तक दीवाल को धकेला नहीं जा सकता था। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने कहा दीवाल खुद ब खुद गिरी है किसी के द्वारा दीवाल को गिराने का औचित्य ही नहीं बन रहा है।
फिलहाल अगर जिले के अधिकारी मामले को संज्ञान में नहीं लेते तो शीघ्र ही रामपुर बाजार में जफराबाद जैसी अप्रिय घटना का योग होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।

About BRC24NEWS

Check Also

KERAKAT. केराकत में टूटी अंबेडकर प्रतिमा लोगों में आक्रोश, गांव में तनाव व्याप्त

KERAKAT. जौनपुर जिले के केराकत कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बाकुलिया (कुसरना) गांव में अराजक तत्वों द्वारा …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!