Breaking News

JAUNPUR NEWS. एसडीएम का बिना फूलों के हुआ विदाई, नहीं पहुंचे अधिवक्ता

JAUNPUR. जौनपुर जिले के मड़ियाहूं तहसील के अंगद बन चुके एसडीएम कुणाल गौरव का स्थानांतरण शाहगंज हो गया है। केराकत तहसील से सुनील भारती मड़ियाहूं तहसील के लिए एसडीएम बनाए गए हैं। लेकिन अभी तक नवागत एसडीएम का पदार्पण नहीं हो सका है।
अधिवक्ताओं के लिए अंगद का पांव बन चुके थे एसडीएम
मड़ियाहू तहसील के एसडीएम कुणाल गौरव जुलाई 2023 में एसडीएम पद पर तैनाती हुई थी। वह करीब दो वर्षों तक तहसील में अधिवक्ताओं के बीच अपना वर्चस्व बनाएं रखे थे। एसडीएम द्वारा वर्चस्व बनाने के चक्कर में अधिवक्ताओं से कई बार कहा सुनी और बार बेंच का संबंध भी खराब हुआ था। उनके स्थानांतरण को लेकर कई बार खबरें आई लेकिन वह किसी कारणवश नहीं जा सके जिसके कारण हमेशा अधिवक्ताओं को मायूसी मिलती रही। इस बार जैसे ही सोमवार को उनकी विदाई होने की पता चला अधिवक्ताओं में हर्ष व्याप्त हो गया।
एसडीएम के जाने से अधिवक्ता क्यों हुए खुश
एसडीएम कुणाल गौरव की काम करने की कार्यशैली से कोई भी अधिवक्ता संतुष्ट नहीं था। एक दो अधिवक्ता को छोड़ दिया जाए तो करीब 180 अधिवक्ता नाराज ही रहते थे। अधिवक्ताओं के मिसलेनियस की सुनवाई में अधिवक्ताओं से अच्छा व्यवहार नहीं करने और मुकदमे की सुनवाई के दौरान कार्य नहीं करने, अधिवक्ताओं के जाने के समय न्यायालय पर बैठ जाने, फर्देकाम नहीं लिखने, फोर्स लगाकर अधिवक्ताओं को धमकाने और बार बेंच के संबंध में नुक्ता चीनी करने समेत कई अन्य मुख्य नाराजगी का कारण था।
फर्देकाम नहीं लिखने पर डीएम से क्यों हुई शिकायत
मड़ियाहूं तहसील के न्यायालय में फर्देकाम न्यायिक व्यवस्था का एक ऐसा अंग है जिसमें न्यायालय के डायस पर बैठकर न्यायाधीश अथवा मजिस्ट्रेट मुकदमे की नंबर सुधा पेपर पर कार्रवाई को लिखता है। जिससे अगली तारीख को क्या-क्या प्रगति हुई वह अधिवक्ता हो अथवा मुवक्किल पता चल जाता है। लेकिन एसडीएम कुणाल गौरव न्यायालय पर 100 से लेकर 150 मुकदमा देखते थे लेकिन एक भी फर्देकाम पर करवाई लिखना मुनासिब नहीं समझते थे। बल्कि फाइलों के पीछे दो शब्दों में कार्रवाई पूरा कर देते थे जिसके कारण न्यायिक प्रक्रिया हर दिन शर्मसार होती रही। डीएम से शिकायत करने के बाद भी एसडीएम ने अपने कार्यशैली पर जाते-जाते तक कोई सुधार नहीं किया। हां इतना जरूर है की शिकायत का असर एक-दो दिन देखने को जरूर मिला था।
सोमवार को विदाई के दौरान फूलों की माला तक एसडीएम को नहीं हुई नसीब
सोमवार को जैसे ही आदेश हुआ कि तुरंत जाकर शाहगंज तहसील में अपना जॉइन्ट कराएं। कर्मचारियों ने पहुंचकर एसडीएम कार्यालय में उनका विदाई किया लेकिन आमतौर पर अधिकारियों के ट्रांसफर पर माला पहनाकर विदाई किया जाता है लेकिन कर्मचारी बिना माला के विदाई कर दूसरी जगह कार्य करने की बधाई दिया। सबसे बड़ी बात है कि उनकी विदाई के दौरान कोई भी अधिवक्ता नहीं गया। हां इतना जरूर है की एक उनके खास एक वरिष्ठ अधिवक्ता बिन बुलाए मेहमान की तरह पहुंच गए थे। बाद में एक और अधिवक्ता पहुंचकर जाते-जाते विदाई की बंधाई दे गए।
जाते-जाते एसडीएम ने कुछ फाइलों को क्यों किया जमींनदोज
मड़ियाहू तहसील में चर्चाओं की माना जाए तो एसडीम महोदय कुछ फाइलों 25/38, 116 जैसी फाइलों को आदेश किया था। लेकिन किसी कारणवश उन फाइलों को चर्चा है कि पेशकर से मंगाकर फाड़ दिया और कहा जो एसडीएम आएंगे उनसे आदेश न्यायालय में करा लेना। लेकिन कार्यालय कर्मचारी से पूछने पर पुष्टि नहीं हो सकी।


पढ़ते रहें बीआरसी 24 न्यूज़ आगे के अंक में एसडीएम के कार्यशैली की अन्य समाचार

आगे यह भी पढ़े- तहसीलदार अजीत कुमार से एसडीएम का क्यों था  36 का आंकड़ा

About BRC24NEWS

Check Also

KERAKAT. केराकत में टूटी अंबेडकर प्रतिमा लोगों में आक्रोश, गांव में तनाव व्याप्त

KERAKAT. जौनपुर जिले के केराकत कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बाकुलिया (कुसरना) गांव में अराजक तत्वों द्वारा …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!