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MARIYAHU NEWS. मड़ियाहूं में नपं/सरकारी जमीन पर बनने जा रही थी कॉलोनी, नगर पंचायत ने लिया स्टे

MARIYAHU. जौनपुर जिले की मड़ियाहूं नगर पंचायत में अरबों रुपए कमाने की हसरत लेकर आए एक प्लांटर को नगर पंचायत कर्मी से अदावत लेना भारी पड़ गया है। नगर पंचायत ने सिविल सीनियर डिवीजन जज के यहां वाद दायर कर प्लॉटर की जमीन पर निर्माण करने का स्थगन आदेश प्राप्त कर रुकवा दिया है। जिसकी चर्चा मड़ियाहूं नगरवासियों एवं प्लाटरों में जमकर हो रही है। अगर नगर पंचायत स्टे नहीं लिया होता तो भविष्य में उस पर कॉलोनी बसाने की प्लाटरों की इरादा थी।
कौड़ियों की भूमि को अरबों बनाने की हसरत कैसी हुई फेल
जानकारी के अनुसार मड़ियाहूं नगर पंचायत के दिलावरपुर में मछलीशहर तहसील की खानजादा मोहल्ले और मड़ियाहूं कोतवाली के बारीगांव से प्लॉटर बनने की हसरत लेकर आए तीन प्लाटरों में से एक प्लॉटर द्वारा नगर पंचायत के बाबू श्याम नारायण मिश्रा से कुछ दिन पहले उस समय अदावत ले लिया जब श्री मिश्रा दिलावरपुर में हुई प्लाटिंग पर आरोप है कि अवैध तरीके से बिना नगर पंचायत को सूचना दिए अरबों रुपए की नगर पंचायत के जमीन पर निर्माण कर रहे थे जिसका नोटिस चस्पा करने के लिए गए थे। श्री मिश्रा का आरोप है कि उक्त प्लॉटर ने भला बुरा कहा और जान से मारने की धमकी भी दिया इसके बाद श्री मिश्रा को प्लॉटर द्वारा दिए गए धमकी की बात नागवार लगा। उन्होंने यह जानकारी नगर अध्यक्ष समेत अधिशासी अधिकारी को अवगत कराया। इसके बाद नगर पंचायत ने श्री मिश्रा को वादी बनाते हुए सिविल जज जूनियर डिवीजन जौनपुर के यहां उक्त जमीन के आराजी नंबर 1597/0.006 से., 1596/0.246 हे. 1602/0.008 हे., 1601/0.040 हे. को नगर पंचायत का जमीन बताते हुए मुकदमा दायर करते हुए विपक्षी द्वारा मजाहमत व मदाखलत करने का आरोप लगाया और स्थगन आदेश की मांग किया। वादी द्वारा उपरोक्त मुकदमे के संबंध में सारे वैध कागजातों को माननीय सिविल जज सीनियर डिवीजन को बतौर सबूत प्रस्तुत किया। इसके बाद कोर्ट ने उपरोक्त नंबरों पर यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश देते हुए अपना पक्ष 6 फरवरी तक रखने के लिए नोटिस भी जारी किया है। उक्त संबंध में उभय पक्ष एक बार फिर न्यायालय में प्रस्तुत होकर अपना अपना अपना पक्ष रखेंगे।
नगर पंचायत द्वारा मुकदमा कर स्थगन आदेश प्राप्त कर लेने से ऐसा प्रतीत होता है कि मड़ियाहूं नगर पंचायत में कौड़ियों की दाम भूमि लेकर अरबों रुपए कमाने की प्लाटरों की हसरत अब धरी की धरी रह जाएगी।


मामले में नगर पंचायत ईओ क्या बोले-
अधिशासी अधिकारी चंदन सिंह गौड़ ने कहा कि नगर पंचायत अधिनियम के तहत कोई भी भूमि को प्लॉटर खरीदता है तो उसकी सूचना नगर पंचायत को देना अनिवार्य होगा साथ में उसे एनओसी भी प्राप्त करना पड़ेगा कहीं वह नगर पंचायत कि सरकारी जमीन को तो नहीं कब्जा कर रहा है। अगर वह ऐसा करता है तो नगर पंचायत उसे कब्जा हरगिज नहीं करने देगा जो कानूनी कार्रवाई होगा वह किया जाएगा।


नगर अध्यक्ष क्यों बोली “आज अध्यक्ष हूं कल रहूं या ना रहूं”-
वही मड़ियाहूं नगर पंचायत अध्यक्ष रुकसाना कमाल ने बताया कि “मैं आज अध्यक्ष हूं कल रहूंगी या नहीं रहूंगी लेकिन किसी भी कीमत पर नगर पंचायत की जमीन, कुंआ/पौदर, जमींदार की जमीन यानी जम्मन, गौशाला की जमीन, तालाब, भीटा समेत अन्य सरकारी जमीनों को बिकने नहीं दूंगी।” मैं अंतिम सांस तक नगर पंचायत की जमीन को बचाने के लिए लड़ती रहूंगी। मेरा उद्देश्य केवल इतना है जो भी प्लांटर जमीन खरीदे और बेचे वह जमीन सही हो विवादित ना हो और भविष्य में उसे विवाद का सामना न करना पड़े, क्योंकि भूमि खरीदने वाला व्यक्ति भविष्य में मड़ियाहूं का नगरवासी ही होगा।

फोटो- स्टे आदेश की कापी

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