फैन्साडील गिरोह का कारनामा प्रथम सीरीज
उस्मान पत्रकार की कलम से
JAUNPUR. जौनपुर जिले में विगत 13 जुलाई को शहर कोतवाली में महिला चिकित्सक डॉ नाजिया की तहरीर पर जिस कथित पत्रकार के खिलाफ़ ब्लैकमेलिंग व अन्य धाराओं में एफ आई आर दर्ज हुई है वह अपने गिरोह के बाकी दोनों सदस्यों के साथ भूमिगत रहा और हाईकोर्ट से गिरफ्तारी के लिए स्थग्नादेश लेने को लगा रहा, जिसमें वह फेल इसलिए हो गया क्योंकि पीड़ित डॉ नाजिया ने पहले ही कैविएट दाखिल कर दिया था। जौनपुर लौटकर उक्त ब्लैकमेलर ने किसी छोटे अखबार में खबर छपवाई कि हाईकोर्ट से उसे स्टे जैसी रिलीफ मिली है, ईधर पुलिस ने पीड़ित महिला चिकित्सक का कलमबंद बयान दर्ज करने के बाद आरोपी के खिलाफ वारंट लेने के फेर में लगी है और वह हाजिर होना तो दूर जांच में भी सहयोग नहीं कर रहा है l

इस गिरोह की समुची कहानी की शुरुआत पांच साल पूर्व तब हुई जब इसके नशेड़ी मेंबर्स के अर्दाब में स्टेशन रोड का एक मेडिकल स्टोर संचालक और दारू का दुकानदार आ गया। गिरोह के तीनों सदस्यों ने उन्हें किसी चैनल का पत्रकार बताया था इन सबने नकली व प्रतिबंधित दवा और हरियाणा मेड दारू बेचने के नाम पर वसूली शुरू की तो वह सिलसिला अभी तक जारी है l इसी दौरान लंगड़ा डॉक्टर पिता पुत्र के संपर्क में यह गिरोह आया इन सबने भू माफिया चिकित्सक जिसकी दो बीबियों की चर्चा ए आम है, इसने कटघरा इलाके में करीब तीन बीघे वाली आम अमरूद वाली बाग दारू पिलाकर खरीदी और उसपर फार्म हाउस बना लिया जिसका नक्शा भी नकली है, इसी प्रकार इसका झील वाला अस्पताल भवन का नक्शा भी फर्जी है. इसकी तफ़्सील से जानकारी अगली किश्त में रहेगीl (इसके औने पौने दाम में खरीदी गई जमीन और फर्जी नक्शे की जानकारी एक वरिष्ठ पत्रकार की खबरों वाली सीरीज से ली है, बाकी जानकरी सो पुरे शहर में गूंजती है) l
यानी दोनो पक्ष अपने खेल में माहिर निकला, डॉक्टर ने अपनी कागजी कम्पनी की नकली और महंगी दवा बेचने के लिए इस गिरोह को पालतू बना लिया, उन्हें दारू और कमीशन पर दूसरे चिकित्सकों को निशाना बनाना शुरू किया, इस बीच डोनेशन से मेडिकल की पढाई करके इसका बेटा भी आ गया, पढाई के दौरान बेटा भी दलित छ्त्रा से रेप में फंसा था, उसका एक पैर पोलियोग्रस्त है, वह भी पिता के साथ इस धंधे में उतर गया है. बाप बेटे जब भी एम आर के खर्चे पर विदेश जाते हैं तो लौटने पर खुद खरीद कर लाये गए सम्मान पत्र का प्रचार इसी गिरोह से कराते हैं l बेटा लंगड़ा होने से कई शादी टूट गई, एक बार तो बनारस में सगाई किये बगैर लौटना पड़ा था, इसके बाद तिजारत करनी पड़ी l
कथित पत्रकार व ब्लैकमेलर गिरोह में दो मुस्लिम और एक हिंदू सदस्य है l जो हिंदू धर्म से ताल्लुक रखता वह किराए के मकान में रहते हुए ब्लैकमेलिंग के लिए कहानी गढ़ता है l साथ ही वह जिला अस्पताल के पास एक मेडिकल स्टोर से फ्री में फैन्साडील, कोरेकस, नशे का टेबलेट इंतजाम किये रखता है l इस गिरोह में एक महिला मेंबर भी है जिसका उपयोग पुरुषों को ब्लैकमेलिंग के लिये होता है l शहार के आधा दर्जन अस्पताल से अवैध वसूली करने वाले इस गिरोह की कहानी लम्बी है जिसे एक दर्जन किस्तों में दिया जाएगा. बाकी जल्द ही………..
BRC24NEWS अब खबर दिखेगी