अनिल सिंह रिपोर्टर
JAUNPUR. जौनपुर जिले के रामनगर विकास खंड क्षेत्र स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमालापुर में बीते दो वर्षों से चिकित्सक की तैनाती नहीं होने के कारण क्षेत्र के 24 गांवों की जनता को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है। मरीज मजबूरी में अन्य स्वास्थ्य केंद्रों और निजी अस्पतालों का सहारा लेने को विवश हैं।
ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के दावे जमीनी हकीकत से कोसों दूर नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि पीएचसी जमालापुर पर केवल नाममात्र की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। यहां लैब टेक्नीशियन और फार्मासिस्ट के भरोसे केंद्र संचालित हो रहा है। ओपीडी में सामान्य बीमारियों की दवाएं तो मिल जाती हैं, लेकिन चिकित्सक के अभाव में मरीजों का समुचित परीक्षण व इलाज नहीं हो पा रहा।
क्षेत्र के जमालापुर, औरा, जोगापुर, छांगापुर सहित आसपास के गांवों से लोग इलाज की उम्मीद लेकर पीएचसी पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टर न मिलने से निराश होकर लौट जाते हैं। गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल या निजी चिकित्सालयों में इलाज कराना पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र भवन बनने से उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा की उम्मीद थी, लेकिन चिकित्सक व अन्य जरूरी स्टाफ की तैनाती न होने से केंद्र की उपयोगिता समाप्त होती जा रही है। स्वीपर न होने से अस्पताल परिसर की साफ-सफाई भी प्रभावित है और गंदगी फैली रहती है, जिससे संक्रमण का खतरा बना रहता है।
इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर के अधीक्षक ने बताया कि मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। शीघ्र ही चिकित्सक समेत अन्य आवश्यक कर्मचारियों की तैनाती कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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