जौनपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जौनपुर विभाग के मछलीशहर ज़िला द्वारा संघ शताब्दी वर्ष से संदर्भित तेजशा युवती सम्मेलन का आयोजन जंगी सिंह गर्ल्स कॉलेज बेलवां मड़ियाहूं में आयोजित किया गया। जिसका शुभारंभ प्रांत प्रवासी के रूप में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य वंशिका शुक्ला, मुख्य अतिथि श्रीमती चित्रा सिंह, कार्यक्रम सयोंजक अनन्या मिश्रा, कॉलेज के संचालक देव नारायण पांडेय ने ज्ञान की देवी माँ सरस्वती एवं युवाओं के प्रेरणाश्रोत स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा पर पुष्पार्चान एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि चित्रा सिंह ने कहा कि आज का भारत अपने युवा शक्ति से नयी अपेक्षायें रखता है और इस युवा शक्ति में युवतियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमें ऐसे सकारात्मक नैरेटिव को आगे बढ़ाना जो महिलाओं की उपलब्धियों को सामने लाए , उनकी चुनौतियों को समझे और उनके समाधान के लिए ठोस प्रयास करे। हमे ऐसे नकारात्मक विमर्शों से सावधान रहना होगा जो बिना तथ्यों के समाज को बाँटते है।

मुख्य वक्ता वंशिका शुक्ला ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रा कार्यकर्ताओं की भूमिका केवल कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, विद्यार्थी जीवन में नेतृत्व विकसित करना, शैक्षणिक विषयों पर संवाद करना सामाजिक समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहना और राष्ट्रहित के प्रश्नों पर विचार करना भी महत्वपूर्ण है। जब छात्राएं किसी शैक्षणिक समस्याओं को उठाती है, तो वे अपने अधिकारों और ज़िम्मेदारियों के प्रति जागरूकता का परिचय देती है। जब वे सामाजिक कुरितियों के विरुद्ध आवाज़ उठाती हैं तो वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन की संभावना पैदा करती है । छोटे छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव की शुरुआत कर सकते है। इसलिए सभी युवतियों को बढ़ चढ़ के आगे आना होगा और यह विकसित भारत बिना युवतियों के योगदान के संभव नहीं है।

पंच परिवर्तन विषय पर संबोधित करते हुए पूर्व विभाग संगठन मंत्री डॉ राजेश पांडेय ने कहा कि पंच परिवर्तन का उद्देश्य समाज और राष्ट्र में सकारात्मक बदलाव लाकर एक सशक्त, समरस एवं संस्कारवान भारत का निर्माण करना है। इसके पाँच प्रमुख आयाम हैं सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी का भाव और नागरिक कर्तव्य। सामाजिक समरसता से समाज में भेदभाव समाप्त कर समानता एवं भाईचारे को बढ़ावा देना, कुटुंब प्रबोधन से परिवार में संस्कार एवं संवाद को मजबूत करना, पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से जल, जंगल, जमीन और जीवों की रक्षा करना, स्वदेशी के माध्यम से स्वदेशी वस्तुओं को अपनाना तथा नागरिक कर्तव्यों का पालन करना इसका मूल उद्देश्य है। इन पाँच आयामों को जीवन में अपनाकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
कॉलेज के संचालक नें सभी का धन्यवाद करते हुए पुनः ऐसे कार्यक्रम करने का आग्रह किया उन्होंने कहा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विद्यार्थियों में संस्कार, राष्ट्रवाद की भावना उत्पन्न करने का कार्य कर रही है।
जीवन में आत्मसंयम, समयबद्धता, मर्यादा और जिम्मेदारी का पालन करना। अनुशासन युवतियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता तथा लक्ष्य के प्रति समर्पण विकसित करता है। अनुशासित युवतियाँ अपने व्यक्तित्व को निखारकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यक्रम का संचालन अनन्या मिश्रा नें किया इस दौरान राजेश पाण्डेय, विभाग संगठन मंत्री अश्वनी कुमार सिंह, जिला संगठन मंत्री वैभव पाण्डेय, कन्हैया पाल, सृष्टि उपाध्याय, ऋचा आदि रही।
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