JAUNPUR. उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में स्थित रामपुर थाना क्षेत्र के मई गांव में देवस्थान पर जाने वाले रास्ते पर राजस्व प्रशासन द्वारा बड़ा खेल खेला गया। बीते मई माह में राजस्व प्रशासन द्वारा नवनिर्मित देवस्थान पर जाने वाले रास्ते पर बिना किसी आदेश पर लाखों रुपए की लागत से भक्तों द्वारा बनाए गए इंटरलॉकिंग को उखाड़ कर फेंक दिया गया। इस कार्रवाई से ऐसा नहीं लगता कि उत्तर प्रदेश में राम राज्य की स्थापना हो चुकी है। बल्कि ऐसा लगता है कि अपना जहां स्वार्थ रहे वहां राम-राम जहां स्वार्थ न हो वहां जय सियाराम का नारा लोग बुलंद करते हैं।

आपको बता दे की महाराष्ट्र की भाजपा एवं शिवसेना एलायंस पार्टी में शिवसेना प्रवक्ता पद से सुशोभित हो रहे हर मंचों से जय श्री राम का नारा देने वाले गुलाबचंद दुबे जौनपुर जनपद के रामपुर थाना क्षेत्र के मई गांव के मूल निवासी हैं। उत्तर प्रदेश में, रामपुर क्षेत्र अपना एक अलग पहचान बनाएं, इसके लिए शिवसेना प्रवक्ता गुलाबचंद दुबे ने भगवान श्री राम के भक्त बजरंगबली की भव्य मंदिर की स्थापना किया जहां पर उनके आराध्य देव श्री राम भी मंदिर में स्थापित हुए। मंदिर पर जाने के लिए 20 वर्षों से निष्प्रयोज्य हो चुके नाला खाते की जमीन पर भक्ति की ऐसा श्रद्धा उमड़ी की भक्तों ने लाखों रुपए चंदे देकर इंटरलॉकिंग लगवाया। इसी बीच कुछ लोगों को श्री राम की भक्ति करना रास नहीं आया और जब शिवसेना प्रवक्ता गुलाबचंद दुबे श्री राम एवं बजरंगबली की स्थापना का भव्य कलश यात्रा और पूजन करवा रहे थे की राजस्व प्रशासन का बुलडोजर नाला खाते की जमीन पर भक्तों की चंदे से बनी इंटरलॉकिंग को ध्वस्त करना शुरू किया और देखते ही देखते 700 मीटर इंटरलॉकिंग उखाड़कर जमीनदोंज कर दिया गया। और वहां साढ़े 4 फीट गड्ढा बना दिया गया। जिससे कोई भी दर्शनार्थी उस रास्ते पर न जा सके।

मामले में जब तहसील के हल्का कानूनगो से इंटरलॉकिंग उखाड़ने की जानकारी चाही गई तो उन्होंने मौखिक बताया कि जिलाधिकारी जौनपुर के आदेश पर यह इंटरलॉकिंग अवैध रूप से बनने के कारण उखाड़ी जा रही है। जिस पर शिवसेना प्रवक्ता कुछ नहीं बोल सके।

कुछ दिनों बाद देवस्थान तक जाने वाली इंटरलॉकिंग को उखाड़े जाने का मामला शिवसेना प्रवक्ता ने हाईकोर्ट ले जाकर वाद दायर कराया और हल्का कानून से इंटरलॉकिंग उखाड़े जाने का आदेश की कॉपी मांगा तो उन्हें काफी दिनों तक भरमाते रहे बाद में बताया कि मुझे कोई आदेश नहीं था मैं मौखिक आदेश पर इंटरलॉकिंग को उखड़वाने का काम किया है।

सोचिए जरा उत्तर प्रदेश सरकार राम राज्य स्थापना करने की बात कर रही है वहीं शिवसेना प्रवक्ता जय श्री राम के नारों से हर मंचों पर अपनी आवाज बुलंद करते देखे जाते हैं लेकिन उनके द्वारा बनाए गए श्री राम और बजरंगबली के भव्य देवस्थान पर जाने वाले रास्ते को इस कदर बंद कर दिया गया है जैसे मानो वह किसी अन्य प्रदेश में रहकर हिंदुओं के अराध्याय श्री राम का विरोधी है।
जबकि कानून कहता है की अगर 20 वर्षों से नाली खाता की जमीन निष्प्रयोज्य हो गई हो तो कुछ कानूनी अड़चनों को दूर करते हुए उस पर रास्ते का निर्माण हो जाना गैर कानूनी नहीं है। लेकिन आरोप है कि जिले की जिलाधिकारी किस दबाव में रहे की देवस्थान पर जाने वाले इंटरलॉकिंग खड़ंजा को ही उखाड़ देने में अपनी भलाई समझे।
शिवसेना प्रवक्ता गुलाबचंद दुबे की माना जाए तो इस मामले में हल्का लेखपाल ने जांच कर कई बार अपनी आख्या रिपोर्ट 20 वर्षों से नाली खाते की जमीन निष्प्रयोज्य होने की दे चुके है। इसके बावजूद इंटरलॉकिंग को बेरहमी के साथ उखाड़ कर साढ़े 4 फीट के गड्ढे में तब्दील कर दिया गया और भगवान श्री राम के देवस्थान तक जाने के लिए रोक लगा दिया गया है।

शिवसेना प्रवक्ता का आरोप है कि साढ़े चार फीट गड्ढे को राजस्व प्रशासन द्वारा बिना बंद किये छोड़ देने के कारण अब तक दर्जनों लोग देवस्थान तक दर्शन करने इधर-उधर से जाते समय गिरकर चोटहिल हो रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से गड्ढे को भरने की मांग किया है।
फिलहाल हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है शिवसेना प्रवक्ता को पूरा विश्वास है कि शीघ्र ही न्याय मिलेगा और सबके आराध्य बजरंगबली और श्री राम तक जाने के लिए रास्ता सुलभ होगा।
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