बृजराज चौरसिया सम्पादक
MARIYAHU. जौनपुर जिले के मड़ियाहूं तहसील के रानीपुर गांव निवासी जाने-माने पूर्व प्रधान वीरेंद्र प्रताप सिंह यादव राजा साहब अब नहीं रहे। लंबी बीमारी के बाद उनका निधन गुरुवार की भोर में उनके पैतृक निवास रानीपुर गांव में हो गया। राजा साहब लगभग 80 वर्ष के रहे। उनके निधन का समाचार जैसे ही तहसील क्षेत्र में लगा शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। उनका अंतिम यात्रा उनके पैतृक निवास से 10:00 बजे निकलकर नगर के वाराणसी रोड पर स्थित श्री राम चबूतरा तक गया। शव यात्रा में सैकड़ो लोग शामिल रहे। जहां से मणिकर्णिका घाट वाराणसी पहुंचा वहां उनके बड़े बेटे सुनील भारत उर्फ गुड्डू यादव ने मुखाग्नि दिया।

राजा साहब 15 वर्षों तक प्रधान पद को किया सुशोभित
वीरेंद्र प्रताप सिंह यादव राजा साहब का मड़ियाहू तहसील में समाज सेवा के क्षेत्र में नाम ही काफी था। जिसके कारण लगभग 15 सालों तक लगातार अपने पैतृक गांव के प्रधान पद को सुशोभित करते चले आ रहे थे। जब उनका स्वास्थ्य खराब हुआ तो ग्रामवासियों ने उनकी बहु सीता देवी को प्रधान बना डाला। सीता देवी उनके छोटे बेटे राणा पुष्पेश यादव की पत्नी हैं। इसके बाद आज तक वह गांव सभा के प्रधान पद पर विराजमान है। मड़ियाहू तहसील के किसी भी गांव में वीरेंद्र प्रताप सिंह का नाम छोटा था लेकिन उनका उपनाम राजा साहब बहुत बड़ा था। गली हो या सड़क, खेत हो या खलियान राजा साहब के घर जाने की बात कोई पूछता था तो सीधे लोग वीरेंद्र प्रताप सिंह यादव के घर पहुंचा देते थे तब लोगों को पता चलता था कि राजा साहब ही वीरेंद्र प्रताप सिंह यादव है। राजा साहब खानपान के साथ वाहन एवं कपड़ों के बड़े शौकीन थे। कपड़ों की क्लीच उनकी कभी भी टेढ़ी नहीं होती थी और बुलेट गाड़ी उनका पसंदीदा दो पहिया वाहन था। इसके अलावा चार पहिया वाहन भी उनके लिए जीवन बरदाई थी। खुली जीप में चलना उनको बेहद पसंद था। राजा साहब कुछ दिनों तक ठेकेदारी भी कर चुके हैं।

दिल में ब्लॉकेज होने के बाद भी राजा साहब अपने को बेहद मजबूत कहते थे
वीरेंद्र प्रताप सिंह यादव राजा साहब दिल के मजबूत थे इसी कारण कारण उनके दिल में करीब चार ब्लाकेज थे जो करीब 3 सालों से रहा जानते हुए भी वह कभी अपने आप को विचलित नहीं हुए न परिवार को ही इसका एहसास होने दिया। लेकिन पिछले दो माह से वह ऑक्सीजन पर चल रहे थे अंतिम समय में भी परिवार के लोगों ने शौच के एहसास होने पर उन्हें सभी अस्थाई शौचालय बिस्तर के पास ही कराना चाहा लेकिन उन्होंने परिजनों से कहा कि नहीं हम अभी मजबूत हैं घर वाले शौचालय में जाएंगे लोगों ने सहारा देकर शौचालय तक ले गए और जब वापस बिस्तर पर पहुंचे तो अपना जीवन छोड़कर स्वर्ग सिधार गए।
वीरेंद्र प्रताप सिंह राजा साहब कितने भाई थे
वीरेंद्र प्रताप सिंह राजा साहब चार भाइयों विजेंद्र कुमार यादव, लाल बहादुर यादव एवं मोहनलाल यादव में सबसे बड़े थे। राजा साहब के दो बेटे सुनील भारत उर्फ गुड्डू और राना पुष्पेश हैं।
चचेरे भाई ने राजा साहब के लिए क्या कहा
राजा साहब के चचेरे भाई मड़ियाहू तहसील के वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रेश यादव ने बताया कि भैया जी परिवार को एक साथ लेकर जब तक जीवित थे चलते रहे। परिवार का किसी भी व्यक्ति के ऊपर कोई भी दुख पड़ता था तो वह अपना दु:ख समझते थे, आज उनके स्वर्ग सिधार जाने से उनकी भरपाई कोई नहीं कर पाएगा।
BRC24NEWS अब खबर दिखेगी