RAMPUR. जौनपुर जिले के रामपुर के गोपालापुर गांव निवासी 40 वर्षीय अजय तिवारी की मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हृदय गति रुक जाने से मौत हो जाने की पुष्टि हो गई है। जिसको लेकर परिवार में उठ रही विभिन्न आरोपों पर विराम लग गया है। मृतक की पत्नी घर में चीख चीख कर ईश्वर को धन्यवाद दे रही है।
जानकारी के अनुसार मड़ियाहूं तहसील क्षेत्र के रमईपुर गांव निवासी अजय तिवारी सोमवार की सुबह अपनी पत्नी कुसुम देवी, बेटे आकाश तिवारी, और दो बेटियों उर्वशी व हर्षिता तिवारी के साथ मुंबई से अपने पैतृक घर लौटे थे। बताया जाता है कि मंगलवार की सुबह अजय तिवारी मृत पाए गए, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मचा रहा। घर के कुछ परिवरीजन मृतक अजय तिवारी के पत्नी कुसुम देवी पर उंगली उठा रहे थे जिसको लेकर पुलिस से पोस्टमार्टम करने की मांग किया। लेकिन पत्नी पोस्टमार्टम करने के पक्ष में नहीं रही जिसके कारण परिवार वालों का शक और गहराता जा रहा था।
रामपुर थाना अध्यक्ष इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने परिवार की स्थिति को समझते हुए मृतक का शव कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने बुधवार की सुबह पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि मृतक अजय तिवारी के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हृदय गति रुक जाने की पुष्टि हुई है।
पारिवारिक जन मृतक अजय की मौत पर क्यों किया संदेह
मृतक अजय तिवारी की पत्नी कुसुम देवी ने बताया कि अजय के पिता शिवसागर तिवारी का निधन करीब 20 वर्ष पहले हो चुका था। उनके नाम पर कुल 12 बिस्वा भूमि थी, जो परिवार के चार सदस्यों मां इंद्रावती देवी, अजय तिवारी, विजय तिवारी और अमित तिवारी के नाम पर दर्ज थी। लगभग 10 वर्ष पूर्व अमित तिवारी की मुंबई में ट्रेन दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद से ही परिवार में जमीन को लेकर विवाद शुरू हो गया था।
ग्रामीणों के अनुसार पारिवारिक विवाद और कलह के चलते अजय तिवारी पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में थे। इसके बाद उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के बाद पारिवारिक जनों ने घर की कलह मानते हुए मृतक की मौत संदिग्ध मान रहे थे।
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