गौरव मिश्रा रिपोर्टर बरसठी
जौनपुर। जिले के बरसठी विकास खण्ड में वित्तीय वर्ष 2026-27 का सत्र अप्रैल माह से शुरू हुआ, और ग्राम पंचायतों में हर वर्ष वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद ग्राम पंचायत में टेंडर प्रक्रिया चलती है मानक है कि हर ग्राम पंचायत से दो अखबारों में टेंडर निकलता है एक लोकल अखबार और एक राष्ट्रीय अखबार होता है जिसमें विकास खण्ड के प्रत्येक गांवों से टेंडर निकालना अनिवार्य है सभी सचिव स्थानीय पत्रकारों से टेंडर निकलवा देते है।
*राष्ट्रीय एक अखबार के बिल के सापेक्ष फर्जी बिल लगाकर मनमाफिक ले रहे भुगतान,अखबार को कर रहे बदनाम*
कुछ सचिवों का आरोप है कि राष्ट्रीय अखबार के पत्रकार खुद का एक फर्म बनाकर मनमाफिक बिल देकर टेंडर का अपने बनाए गए निजी फर्म के नाम पर फर्जी भुगतान करवा रहे है। पूछने पर बताते है कि कैश देकर हम टेंडर निकाले है हमारे दिए गए बिल और फर्म पर भुगतान करना होगा। एक ही अखबार और एक ही तारीख में निकाला गया टेंडर का अमाउंट कुछ ग्राम पंचायतों में बिल 7862 रुपए है दूसरे ग्राम पंचायतों का बिल 8232 रुपए है। ऐसा कैसे हो सकता है कि एक ही साइज और एक ही डेट पर अलग अलग बिल कैसे आ गया। जबकि क्षेत्र में संचालित राष्ट्रीय अखबार करीब करीब बिल 5880 रूपये के लगभग देते है।
राष्ट्रीय अखबार के पत्रकार सचिवों के ऊपर धौंस जमाते हुए अधिकतम ग्राम पंचायतों का भुगतान अपने बनाए गए खुद के फर्म पर भुगतान कराकर लाखों रूपये डकार जा रहे है। अगर इस प्रक्रिया पर रोक नहीं लगती है तो आगे स्थिति और विकट हो जायेगी और काम करने में कठिनाई भी होगी। जो फर्म जिस उद्देश्य से बनाया गया है उसका ना तो कही कैलेंडर छपता है और ना ही कोई प्रिंटेड कैलेंडर बनता है।
जो फर्म का बिल लगाया जा रहा है वह क्षेत्र में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आस्था एडवरटाइजिंग फर्म का बिल सही है अथवा गलत है इसकी जवाबदेही बीआरसी 24 न्यूज़ नहीं लेता है। यह बिल वायरल बिल है जो पाठकों के लिए लगा दिया गया।
इस संबंध में खण्ड विकास अधिकारी वर्षा बंग से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह मामला हमारे संज्ञान में नहीं है अगर ऐसा हो रहा है तो गलत है जांचोंपरांत उचित कार्रवाई की जाएगी।

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