जौनपुर। जिले की जिले की शाहगंज तहसील में चकबंदी कानूनगो को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) वाराणसी की टीम ने शुक्रवार को किया। इस कार्रवाई से तहसील परिसर में हड़कंप मचा रहा और सरकारी कर्मचारियों के बीच दिनभर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
जानकारी के अनुसार, खुटहन थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव निवासी मान सिंह ने चकबंदी से संबंधित एक आपत्ति शाहगंज स्थित चकबंदी कार्यालय में दाखिल की थी। आरोप है कि मामले में उनके पक्ष में अनुकूल रिपोर्ट लगाने के एवज में चकबंदी कानूनगो अनिल कुमार ने 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।
रिश्वत की मांग से परेशान काश्तकार ने इसकी सूचना सतर्कता अधिष्ठान वाराणसी को दी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने गोपनीय जांच कराई, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद अधिकारियों ने सुनियोजित तरीके से पकड़ने की योजना बनाई।
शुक्रवार को जैसे ही शाहगंज तहसील परिसर के मुख्य गेट पर काश्तकार ने आरोपी कानूनगो को 10 हजार रुपये दिए, पहले से घात लगाए बैठी विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अपने साथ ले जाकर पूछताछ शुरू कर दी गई।
सतर्कता अधिष्ठान ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
विजिलेंस अधिकारियों ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत सतर्कता अधिष्ठान से करें। शिकायत मिलने पर गोपनीय जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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