MARIYAHU. जौनपुर जिले के मडियाहू नगर स्थित काजीकोट मोहल्ले में गणपति पूजा पंडाल में करंट से मासूम की मौत से जहां परिवार सदमे में है वही मासूम बच्ची की मां अस्पताल में पथरी रोग से जूझ रही है। जिसको अभी तक यह भी नहीं पता है कि मेरी मासूम सी बच्ची अब इस दुनिया में नहीं रही। लेकिन मासूम के मौत की जिम्मेदार कौन है यह मडियाहू नगर के लिए यक्ष प्रश्न बना हुआ है। आरोप है कि बच्ची की मौत को छुपाने के लिए सरकारी अफसरान से लेकर नगर के कुछ संभ्रांत लोग मासूम की मौत पर अपनी राजनीतिक रोटी सेखना शुरू कर दिए हैं। जिसके कारण बिजली विभाग, प्रशासन और पूजा पंडाल में लाइटिंग लगाने वाले मौन व्रत धारण के लिए हैं।
बता दे कि श्री गणपति मित्र मंडल काजीकोट द्वारा गणपति पूजा के लिए पंडाल बनाया गया था जिसमें लोहे की पाइप से लाइटिंग की सजावट की गई थी। रविवार की शाम 7:00 बजे पड़ोस के विजय प्रजापति की पुत्री सृष्टि खेलते खेलते लोहे की पाइप के संपर्क में आ गई जिसमें पहले से ही 220 वोल्ट का विद्युत करंट दौड़ रहा था, जिसकी चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। लेकिन घटना का जिम्मेदार कौन है इसके लिए नगर वासी सरकारी अफसरान, विद्युत विभाग और नगर के संभ्रांत लोगों से सवाल दागना शुरू कर दिए हैं।
सवाल नंबर 1. पूजा पंडाल में लगाई गई है अवैध तरीके से विद्युत सप्लाई किसके आदेश पर लगाइ गई। क्या विद्युत विभाग द्वारा चेकिंग किया गया। इतनी बड़ी हादसा होने के बाद भी लोहे की पाइप में विद्युत सप्लाई चलती रही लेकिन प्रशासन तक लाइटिंग करने वाले की गिरेबान तक हाथ नहीं डाल सकी है।
सवाल नंबर दो. लाइटिंग करने वाला व्यक्ति मड़ियाहू नगर के सरदरगंज मोहल्ले में स्थित वाहन स्टैंड का लोडर का पुत्र बताया जाता है। इतनी बड़ी घटना के बाद भी अभी तक पुलिस ने अपनी तरफ से कोई कार्रवाई नहीं किया। क्या पुलिस इस इंतजार में है कि आगे और कोई घटना किसी और पूजा पंडाल में घटे तब होगी कार्रवाई।
सवाल नंबर 3. आरोप है कि पोस्टमार्टम के नाम पर मासूम बच्ची के घर वाले ने पुलिस को एक तहरीर लिखकर दिया कि हमारी बच्ची लाइटिंग वालों की पाइप के गिरने से मौत हो गई, इसलिए पोस्टमार्टम नहीं करवाना चाहते। जबकि बच्ची का पिता चीख चीखकर करंट लगने की बात घटनास्थल पर कबूलता रहा।
श्री गणपति मित्र मंडल के पंडाल में लगाई गई लाइटिंग का मालिक दिनेश कुमार है। नगर वासियों की माना जाए तो दिनेश के साथ ऐसी कई घटनाएं भी हो चुकी है इसके बाद भी वह विद्युत के प्रति लापरवाह बना हुआ है और किसी न किसी के जान पर आफत ला देता है। चर्चा है कि इस घटना से कुछ माह पूर्व भी वह एक वैवाहिक समारोह में लाइटिंग का काम पाइप के सहारे ही किया था जहां पर अचानक करंट आ गया लोहे के पाइप में उतर गया जिसके कारण मृतक मासूम की चाचा और खुद दिनेश 10 फीट ऊपर से नीचे आ गए जिसके कारण पैरों में फैक्चर हो गया था और काफी चोटे आई थी इलाज के बाद सभी सही हुए।
आए दिन हो रही घटना के बावजूद लोहे के पाइप के सहारे सजावट का काम करना बंद नहीं हो रहा है जिसके कारण दुर्घटना पर दुर्घटना होती जा रही है और यह लाइटिंग वाले कानूनी शिकंजो से बचते जा रहे है। अगर पूजा पंडालों से शीघ्र ही लोहे की पाइप को बंद नहीं किया गया तो आने वाले नवरात्र महीना में भी यह हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। देखना है कि मडियाहू प्रशासन करंट से मासूम की मौत के बाद सबक लेती है अथवा सब राम भरोसे छोड़ देती है।
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