जौनपुर। जिले के रामपुर नगर पंचायत में इन दिनों एक झोलाछाप अस्पताल पर कहावत चरितार्थ हो रहा है की “नीम हकीम खतरे जान।” जी हां जी यह नाम है कृष्णा हॉस्पिटल का। जो बार-बार शिकायत पर सीज होता है और दो-चार दिन बाद उसे खोल दिया जाता है। फिर मरीजों के साथ खेला होना शुरू हो जाता है। आरोप है कि लाखों रुपए का खेल हर महीने सीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारी के सरपरस्ती में खेला जाता है। जिसमें मरीजों की जान चली जाती है डॉक्टर और सीएचसी प्रभारी मजे लूटते हैं। अब तक कई बार उक्त हॉस्पिटल शिकायतों पर बंद कराया जा चुका है लेकिन फिर खुलते ही एक नई शिकायत शुरू हो जाती है।
इस पर बार नगर पंचायत रामपुर के आसिफ अली ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत किया शिकायत में बताया कि मेरी पत्नी की डिलीवरी कृष्णा हॉस्पिटल में 11 जनवरी 2026 को हुआ था जिसमें गलत ढंग से इलाज होने और कमर में गलत इंजेक्शन लगा देने से करीब 2 से 3 लाख रुपए खर्च करने पड़े। अभी भी उनकी पत्नी बेड पर पड़ी हुई है।

मुख्यमंत्री को आसिफ द्वारा भेजी गई आइजीआरएस शिकायत रंग लाई और एक बार फिर झोलाछाप डॉक्टरों के मसीहा सीएचसी प्रभारी डॉ प्रभात यादव रविवार को जांच के लिए अस्पताल में पहुंच गए। बताते हैं कि अस्पताल मरीजों से खचाखच भरा हुआ था जिसके कारण डॉक्टर साहब मेहरबान हुए और बिना जांच किए ही रात होने का बहाना बनाते हुए वापस चले आए। सोचिए जरा झोलाछाप इस अस्पताल में मरीजों की सैकड़ो तादाद थी और सीएचसी प्रभारी अस्पताल के ऊपर मेहरबान बनें हुए।
इस संबंध में जब चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रभात की जानकारी चाही गई तो उन्होंने बताया कि रात अत्यधिक होने के कारण अस्पताल की जांच नहीं हो सकी सोमवार को पुन: जांच किया जाएगा। जब पूछा गया की बार-बार अस्पताल को सीज करते हैं कैसे खुल जाता है तो उनकी बोलती बंद हो गई कहा कि कल जांच करके पूरी रिपोर्ट आप सभी पत्रकारों को दूंगा।

आपको बता देती इसी तरह प्रभात फिलींग स्टेशन के सामने एक महिलाओं की हॉस्पिटल है जिसे कुछ दिन पहले आईजीआरएस की शिकायत पर अस्पताल को सीज किया गया था लेकिन उसे एक हफ्ते बाद खोल दिया गया और फिर बेधड़क अस्पताल कर्मियों का खेला मरीजों के साथ शुरू हो गया। जब इस संबंध में चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर प्रभात यादव से जानकारी चाही तो बताया गया कि लक्ष्मी नर्सिंग होम खुलने की मुझे जानकारी ही नहीं है इसकी जांच कराई जाएगी लेकिन एक हफ्ते बीतने को आई है अभी तक कोई जांच नहीं हुई है सब जांच डा. प्रभात जी अपने ठंडे बस्ते में डाल दिए है।
रामपुर में डॉक्टरों की लापरवाही से धड़ाधड़ मरीजों के साथ खेला होता जा रहा है लेकिन सीएचसी प्रभारी कुंभकर्णी नींद में सोए हुए हैं और कोई पूछता है तो अंधनिद्रा में ही कहते हैं कि मुझे जानकारी ही नहीं है।
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