जलालपुर। जौनपुर जिले के विकासखंड जलालपुर स्थित बीआरसी सभागार में गुरुवार को कृषि विभाग की ओर से “श्री अन्न (मिलेट्स) पुनरोद्धार कार्यक्रम” के तहत ब्लॉक स्तरीय अध्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विकासखंड के विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों से पहुंचे करीब 60 शिक्षकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

प्रशिक्षण के दौरान विषय वस्तु विशेषज्ञ नंद किशोर ने श्री अन्न के पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ज्वार, बाजरा, रागी, सांवा, कोदो, कंगनी, कुटकी और चेना जैसे मोटे अनाज पोषक तत्वों और फाइबर से भरपूर होते हैं। इनके नियमित उपयोग से संतुलित आहार को बढ़ावा मिलता है।
विषय विशेषज्ञ कृष्ण कुमार सिंह ने श्री अन्न के इतिहास, उपयोगिता, पोषणीय महत्व तथा वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के संबंध में शिक्षकों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने शिक्षकों को मिलेट्स की खेती और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे डा. गुरु प्रसाद मौर्य, सहायक विकास अधिकारी (कृषि) ने कहा कि मोटे अनाज स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली में पारंपरिक और पौष्टिक अनाजों को बढ़ावा देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के पथ प्रदर्शक हैं। शिक्षक स्वयं श्री अन्न के उपयोग एवं खेती को अपनाने के साथ ही विद्यालय के बच्चों और उनके अभिभावकों को भी इसके फायदे के प्रति जागरूक करें, ताकि श्री अन्न को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने विशेषज्ञों से श्री अन्न की खेती, उपयोग और पोषण से संबंधित जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में बीज गोदाम प्रभारी राघवेंद्र, तकनीकी सहायक आदित्य कुमार, खंड तकनीकी सहायक ज्ञानेश्वर मिश्रा, विजय कुमार सिंह सहित कृषि विभाग के अन्य कर्मचारी एवं शिक्षक मौजूद रहे।
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