MARIYAHU. जौनपुर जिले की मड़ियाहूं तहसील के लेखपाल द्वारा व्हाट्सएप स्टेटस पर वकीलों के बारे में अभद्र टिप्पणी करने के मामले में शुक्रवार को अध्यक्ष महामंत्री समेत 9 अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल एसडीएम से मिलकर तीन दिन में लेखपाल को बर्खास्त करने की मांग किया है। अंदेशा है कि अगर अधिवक्ताओं की मांग पूरी हुई तो मंगलवार से अधिवक्ता न्यायालय पर काम करेंगे।
अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन अधिवक्ता रहे
लेखपाल मनोज यादव के अभद्र टिप्पणी मामले में आक्रोशित तहसील के अधिवक्ताओं की तरफ से शुक्रवार की अपराह्न एसडीएम सुनील कुमार भारती के पास नौ लोगों का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा। जिसमें तहसील अध्यक्ष सूर्यमणि यादव, महामंत्री देवेंद्र त्रिपाठी, पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, मोहनलाल यादव, कंसराज यादव के अलावा चंद्रेश यादव, शिव शंकर यादव और राजेंद्र प्रसाद दुबे रहे। एसडीएम के सामने पहुंचकर उन्होंने अपनी मांगों का पत्रक सौंपा और लेखपाल के ऊपर कारवाई करने के लिए तीन दिनों का समय दिया।

प्रतिनिधि मंडल और एसडीएम से क्या हुई वार्ता
प्रतिनिधि मंडल के एक पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सफल वक्ता की माना जाए तो अधिवक्ताओं ने सर्वप्रथम एसडीएम सुनील कुमार भारती को अपनी मांगों का पत्रक सौंपा और रामपुर सर्किल के लेखपाल मनोज यादव के द्वारा व्हाट्सएप स्टेटस के माध्यम से वकीलों पर किए गए टिप्पणी से अवगत कराया। जिस पर एसडीम ने अधिवक्ताओं से कहा कि आप लोग न्यायालय चलवाएं हम लेखपाल के ऊपर करवाई करवाएंगे। जिस पर सहमति नहीं बनी अधिवक्ताओं ने कहा कि ना तो मड़ियाहूं तहसील के अधिवक्ता कहीं जा रहे हैं न हीं आप जैसे न्याय प्रिय एसडीएम जा रहे हैं, न्यायालय तो चलेगा। लेकिन लेखपाल द्वारा वकीलों पर अभद्र टिप्पणी करने से वकीलों के मान सम्मान पर ठेस पहुंचा है। और जब से आप आए हैं मड़ियाहूं की परिपाटी रहा है कि कोई भी अधिकारी नवागत आता है उसका हम अधिवक्ता पहले स्वागत परिचय सम्मान कराते हैं उसके बाद ही कोर्ट चलाते हैं। लेकिन आपके आने के बाद से ही लेखपाल द्वारा अधिवक्ताओं को आहट कर दिया है। इसलिए शुक्रवार से लेकर रविवार तक यानी 3 दिन का समय है आप लेखपाल के ऊपर कार्रवाई करें सोमवार को आपका स्वागत परिचय होने के बाद मंगलवार से न्यायालय अनवरत चलेगा।
प्रतिनिधि मंडल से एसडीएम ने लेखपाल की क्या किया वकालत
रामपुर सर्किल के लेखपाल मनोज कुमार यादव के द्वारा वकीलों पर अभद्र टिप्पणी का मामला बीते कई दिनों से गरमाया हुआ है। इसके बावजूद एसडीएम सुनील कुमार भारती ने प्रतिनिधि मंडल से लेखपाल का वकालत करते हुए कहा कि लेखपाल ने जानबूझकर ऐसा नहीं किया है बल्कि किसी अखबार का कटिंग लगाया है। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल में शामिल वरिष्ठ अधिवक्ता पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा की आईटी एक्ट के तहत किसी की भावनाओं को आहत करने वाला वक्तव्य हो चाहे अखबार की कटिंग हो, उसे भी लगाना अपराध के श्रेणी में आता है। इसके बावजूद जो मनोज कुमार यादव लेखपाल ने व्हाट्सएप स्टेटस पर लगाया है वह किसी अखबार की कटिंग नहीं बल्कि खुद लिखा गया उनका अपना विचार है। उन्होंने एसडीएम से यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी को शेयर करना ही सहमति माना जाता है। इसलिए उपरोक्त लेखपाल ने यह कृत्य जानबूझकर किया है। इसलिए लेखपाल पर कार्रवाई कानून सम्मत है। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल के अधिवक्ताओं ने बताया कि एसडीएम की लेखपाल के प्रति वकालत करना वही की वही धरी रह गई।
एसडीएम सुनील भारती ने अधिवक्ताओं से क्या कहा
मड़ियाहूं के नवागत एसडीएम सुनील कुमार भारती ने प्रतिनिधि मंडल के वार्ता से सहमत होते हुए अभद्र टिप्पणी करने वाले लेखपाल की जांच नायब तहसीलदार सत्येंद्र मौर्य को देने की बात कही और सोमवार को निष्कर्ष भी बताने का आश्वासन दिया है। इसके बाद अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल सोमवार तक लौट आया।
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