MARIYAHU. जौनपुर जिले की मड़ियाहूं तहसील में लेखपाल द्वारा अपने एक चहेते एसडीएम के पक्ष में व्हाट्सएप स्टेटस लगाकर वकीलों को दलाल कहने पर घमासान लगातार जारी है। वकीलों का आक्रोश थमता नजर नहीं आ रहा है। मामले में कलेक्ट्रेट अधिवक्ता संघ, बदलापुर अधिवक्ता संघ, मछलीशहर अधिवक्ता संघ ने रोष प्रकट करते हुए लेखपाल की भाषा की कटू निंदा किया है। इधर मड़ियाहूं अधिवक्ता संघ लगातार लेखपाल पर कार्रवाई को लेकर धरना प्रदर्शन से लेकर बैठकों का दौर जारी किया है।

मड़ियाहूं तहसील बार एसोसिएशन ने गुरुवार की दोपहर न्यायिक कार्य बंद करते हुए लेखपाल पर कार्रवाई की मांग को लेकर साधारण सभा की बैठक की। बैठक की अध्यक्षता सूर्यमणि यादव और महामंत्री देवेंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में अधिवक्ता बृजेश मिश्रा, मंगला प्रसाद यादव, संतोष कुमार सिंह, गुलाब चंद दूबे, राकेश कुमार गौतम, रामधारी यादव, चंद्रेश यादव घनश्याम मिश्रा, इंद्रजीत भारती, राजेंद्र दुबे, सूरज चंद्र गुप्ता, रामू मौर्या, बीएल यादव, वंशराज मिश्रा, प्रदीप चौरसिया, बृजराज चौरसिया, पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद सिंह, कंसराज यादव, केके सिंह, मोहन लाल यादव समेत तमाम अधिवक्ताओं ने अपनी अपनी राय बेलगाम हो चुके लेखपाल मनोज यादव पर देते हुए जमकर भड़ास निकाला।
वक्ता अधिवक्ताओं ने कहा कि भ्रष्टाचार की चरम सीमा पार कर चुका लेखपाल मनोज यादव अब किसी भी कीमत पर मड़ियाहूं सर्किल में रहने लायक नहीं है। आए दिन भ्रष्टाचारी लेखपालों को एंटी करप्शन टीम जेल में डालने का काम कर रही है। मड़ियाहूं तहसील के कई लेखपाल जेल जा चुके हैं और वह आज भी तहसील में ही काम कर रहे हैं। लेखपाल की औकात है कि प्रदेश के अधिवक्ताओं को एक साथ चहेते एसडीएम के लिए दलाल जैसे शब्दों का प्रयोग कर रहा है ऐसे में उसके ऊपर आईटी एक्ट के तहत मुकदमा होना चाहिए। कई आक्रोशित अधिवक्ताओं ने कहा जैसे को तैसा व्यवहार किया जाना चाहिए। उक्त लेखपाल को तहसील परिसर में घुसने नहीं दिया जाए अगर वह अंदर आने का प्रयास करता है तो उसका प्रांगण में सेवा भाव किया जाए। वही एक आक्रोशित अधिवक्ता ने कहा कि तहसील में गरम दल और नरम दल की जरूरत है। सीनियर अधिवक्ता नरम दल में रहे और जूनियर अधिवक्ता गरम दल में रहे तभी इन भ्रष्टाचारियों का सुधार हो पाएगा। एक अधिवक्ता ने कहा कि सोचने वाली बात है भ्रष्टाचारी लेखपाल मनोज यादव द्वारा सोशल मीडिया पर दिए गए वक्तव्य का ज्ञान परिसर में तहसीलदार और एसडीएम को है इसके बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं किया गया। ऐसा मालूम होता है कि अधिकारी भी इन भ्रष्टाचारी लेखपाल के साथ में खड़े है। एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने सुझाव दिया कि ऐसे भ्रष्टाचारी लेखपाल के खिलाफ उत्तर प्रदेश बार काउंसिल को भी अवगत करा दिया जाए। फिलहाल बैठक का निर्णय अंत में अध्यक्षता कर रहे अध्यक्ष सूर्यमणि यादव ने अधिवक्ताओं के बीच सुनाया की शुक्रवार को मामले को लिखित एसडीएम मड़ियाहूं सुनील कुमार भारती को अवगत कराया जाएगा साथ में बार काउंसिल को भी अधिवक्ताओं पर टिप्पणी करने के मामले को लिखित रूप में भेजा जाएगा। उसके बाद लेखपाल को उसे मड़ियाहूं सर्किल ही नहीं गैर जनपद भेजने की तैयारी किया जाएगा। इसके बाद अधिवक्ता संघ जिंदाबाद के साथ बैठक सम्पन्न हुआ।

सूत्र बताते हैं की अधिवक्ताओं पर घृणित टिप्पणी करने की बाद भी लेखपाल को कोई असर नहीं पड़ा है। यहां तक कि अधिवक्ताओं के आक्रोश को देखते हुए तहसीलदार ने उसको 4 दिन की छुट्टी पर भेज दिया है। एक अधिवक्ता ने कहा कि सोचिए जरा इतनी बड़ी घटना के बाद तहसीलदार मड़ियाहूं कार्रवाई करने के बजाय उसे इस सोच के साथ छुट्टी दे दिया है की चार दिन बाद जब वह लौटेगा तो मामला ठंडा बस्ते में चला जाएगा। और फिर उक्त लेखपाल अधिवक्ताओं पर टिप्पणी करता फिरेगा। ऐसा लगता है कि मड़ियाहूं का तहसीलदार भी उक्त भ्रष्टाचारी लेखपाल मनोज यादव को अधिकारियों का रहनुमा समझ लिया है। जिसके कारण लेखपाल को बचाने के लिए छुट्टी देकर भेज दिया है।
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