JAUNPUR. जौनपुर जिले के एक तथाकथित चर्चित सोशल मीडिया का ब्लैकमेलर पत्रकार अब पत्रकारों का हिस्ट्रीशीट अपनी जुबान से बनाने में लगा हुआ है और मुकदमा दर्ज करने वाली डॉक्टर महिला को धमकाते धमकाते अब ऑडियो देकर पत्रकार को ही धमकाते फिर रहा है। यह ब्लैकमेलर पत्रकार लोगों को बताता फिर रहा है कि अब मैं पत्रकारों का हिस्ट्रीशीट निकाल कर रख दिया हूं और शीघ्र ही बदनाम करने का सीरीज चलाऊंगा। जब उससे भी बदनामी नहीं होगा तो कोर्ट में घसीटुंगा। लगता है यह ब्लैकमेलर पत्रकारों के खिलाफ लिखते लिखते जब उसकी कहानी पत्रकार लिखना शुरू किया तो पत्रकारों को कोर्ट में घसीटने का रात की बजाय दिन में सपना देखने लग गया है।

जिले की ब्लैकमेलर तथाकथित पत्रकार तामिर हसन शीबू के ऊपर एक कहावत चरित्रार्थ हो रहा है कि “रस्सी जल गई लेकिन एइठन अभी नहीं जा रहा है”।
जी हां आपने सही पढ़ा, तथाकथित ब्लैकमेलर पत्रकार शिबू के ऊपर 13 जुलाई को नगर की एक महिला डॉक्टर ने ब्लैकमेलिंग से लेकर तमाम फूअर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया हुआ है। यह दीगर बात है कि सभी धाराएं 7 वर्ष से कम की सजा वाली है। लेकिन जो धाराएं लगी है वह तथाकथित पत्रकार को डूब मरने जैसी है। यह धाराएं तामिर हसन के लिए ही नहीं सभी प्रदेश के पत्रकारों की तापमान को गिरा डाला है।
इसके बावजूद ब्लैकमेलर मड़ियाहूं तहसील के पत्रकार एवं बीआरसी 24 न्यूज़ पोर्टल के एडिटर इन चीफ को धमकी दे रहा है कि मैं तुम्हें कोर्ट में घसीटूगा क्योंकि मुझे माननीय हाईकोर्ट ने स्टे दिया है और तुम माननीय हाईकोर्ट का अवहेलना कर रहे हो। ब्लैक मेलर ने यह भी कहा लिखने के पहले मुझसे बात कर लेते या तो मुझसे स्टे कापी लेकर देख लेते। लेकिन स्टे कॉपी मांगने पर यह ब्लैकमेलर कापी देने के लिए तैयार नहीं है बल्कि यह कह रहा है कि तुम कौन होते हो स्टे कापी देखने वाले क्या हाईकोर्ट से बढ़ गए हो, सोचिए जरा ब्लैकमेलर का इतना बड़ा दिमाग चल रहा है की एक तरफ स्टे कापी मांगकर देखने की बात कर रहा है दूसरी तरफ देने से कतरा रहा है।
कभी पत्रकारों से पीटने वाला और अधिकारियों की चंगुल में फंसने के बाद एक संगठन के जिलाध्यक्ष का पैर पकड़कर गिड़गिड़ाने वाला यह ब्लैकमेलर पत्रकार अपने आप को तीरंदाज समझने लगा है। जौनपुर से लेकर दिल्ली तक संगठन के माध्यम से हिलाने की बात करने वाला शिबू इस समय किस मांद में और कहां रह रहा है उसको खुद ही पता नहीं है। रही बात माननीय हाई कोर्ट के स्टे की तो हम दूसरी कड़ी में अगर ब्लैकमेलर तथाकथित पत्रकार स्थगन आदेश कांपी दे देता है तो उसकी हिंदी रूपांतरण कर हम जरूर बताएंगे कि माननीय हाईकोर्ट ने स्टे दिया है अथवा केवल यह कहा है कि पुलिस तुम्हें तब तक गिरफ्तार नहीं करेगी जब तक तुम पुलिस की जांच में सहयोग करते रहोगे।
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