RAMPUR. जौनपुर जिले के विकास खंड रामपुर के अंतर्गत ग्राम सभा कोटिगांव के दर्जनों ग्रामीणों ने गांव में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी और भ्रष्टाचार के खिलाफ मंगलवार को ब्लॉक मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और खंड विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

इस प्रदर्शन का नेतृत्व आशीष कुमार सिंह ने किया, जिनके साथ महिलाओं और पुरुषों की बड़ी संख्या में भीड़ मौजूद रही। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। विशेष रूप से वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन जैसी योजनाएं ग्रामीणों के लिए सिर्फ कागजों में सीमित हैं। साथ ही, गांव में न तो पीने के पानी के लिए हैंडपंप हैं, न ही सड़कों की सुविधा। बारिश के समय कीचड़ से सारा गांव जलमग्न हो जाता है।
“रोड नहीं तो वोट नहीं” का नारा
ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी चौरा माता मंदिर के पास प्रदर्शन किया गया था, और “रोड नहीं तो वोट नहीं” का नारा लगाते हुए वोट बहिष्कार का ऐलान किया गया था। बावजूद इसके, अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिस कारण उन्हें दोबारा ब्लॉक मुख्यालय का रुख करना पड़ा।
बनवासी परिवारों ने भी उठाई आवाज
गांव के बनवासी परिवारों ने आरोप लगाया कि उन्हें जो आवास योजना के अंतर्गत मकान मिला है, उसकी छतें घटिया सामग्री से बनी हैं और पहली ही बारिश में टपकने लगी हैं। उन्होंने कहा कि जब इसकी शिकायत ग्राम प्रधान से की गई, तो प्रधान ने साफ कहा कि उनके पास कोई सरकारी धन नहीं है और वे खुद उच्च अधिकारियों से संपर्क करें।

प्रधान पर भ्रष्टाचार के आरोप
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान ने नाली, सड़क और आवास जैसी योजनाओं में धन की वसूली की है। गांव में आज तक नाली और सड़कों का निर्माण नहीं हुआ है। उनका कहना है कि ग्राम प्रधान का कार्यकाल अब समाप्ति की ओर है, लेकिन आज तक कोई भी ठोस विकास कार्य नहीं हुआ। जो भी दो-चार कार्य हुए हैं, उन्हीं को बार-बार अधिकारियों को दिखाकर प्रधान अपनी उपलब्धियां गिनाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रदेश सरकार भले ही गरीबों के लिए तमाम योजनाएं लागू कर रही हो, लेकिन स्थानीय स्तर पर ग्राम प्रधान जैसे लोग सरकार को बदनाम करने का कार्य कर रहे हैं।
प्रदर्शन में ये लोग रहे शामिल
धरना-प्रदर्शन में प्रमुख रूप से आशीष कुमार सिंह, करिया सिंह, बंटी सिंह, भुआल यादव, वरुण तिवारी, विकास सिंह, मनोरमा, आशा, माया, श्वेता, शांति, अनिता, संदेही, श्यामदेही, मालती, रंजनु, सुदामा यादव, रविन्द्र तिवारी, बुद्धु यादव, रामधारी यादव, संगीता समेत अन्य ग्रामीण शामिल रहे।
अब देखना है कि क्या प्रशासन करेगा न्याय या होगी फिर लीपापोती?
ग्राम सभा कोटिगांव के लोगों की मांगें स्पष्ट हैं – उन्हें उनके अधिकार मिलें और गांव का विकास हो। अब यह देखना बाकी है कि विकास खंड रामपुर के अधिकारी इन गंभीर आरोपों की जांच कर कार्रवाई करते हैं या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह धूल फांकता रह जाएगा।
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