MARIYAHU. जौनपुर जिले के मड़ियाहू नगर के मिर्दहा वार्ड में स्थित चंडिका माता मंदिर को नगर के कुछ अवसरवादी लोग ट्रस्ट बनाकर बड़ा खेला करने की जुगाड़ में पड़े हुए हैं। लेकिन नगर में हिंदू का राग अलापने वाले राजनेता चुप्पी सादे बैठे हुए हैं। जिसके कारण सरकार की पैसों से चंडिका माता का हो रहा सुंदरीकरण अवसरवादियों के लिए मुरीद साबित हो रहा है। अवसरवादी ट्रस्ट बनाकर उससे लाखों रुपए की कमाई अर्जित करने का सपना घर बैठे देख रहे हैं। चंडिका माता मंदिर को ट्रस्ट बनाने की कवायद का पता जैसे ही चला अब नगर पंचायत के सभासद और नगरवासी भी सामने आकर विरोध करना शुरू कर दिया है।

आपको बता दे अगर कानून की बात करें तो कोई भी व्यक्ति जिसकी व्यक्तिगत निजी जमीन हो अथवा उसका निजी मंदिर हो वह व्यक्ति उसी का ट्रस्ट बना सकता है लेकिन किसी सरकारी भूमि पर और सरकारी मद से खर्च कर सुंदरीकरण किया गया हो तो उस पर कोई भी व्यक्ति सरकार अथवा सरकार के प्रतिनिधि के अलावा दूसरा कोई ट्रस्ट नहीं बना सकता।

मड़ियाहूं नगर के मिर्दहा मोहल्ले में चंडिका माता का भव्य मंदिर स्थापित है। नगर पंचायत के अथक प्रयास से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल मानते हुए उक्त मंदिर के सुंदरीकरण के लिए 188.29 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसका सुंदरीकरण और जीणोद्धार लगातार जारी है। उक्त मंदिर की भव्यता नगर के लिए एक ऐतिहासिक रूप धीरे-धीरे ले रहा है। इसी बीच कुछ अवसरवादी लोगों द्वारा एक षड्यंत्र के तहत चंडिका माता मंदिर से लाखों कमाई करने का सपना सजोएं और मंदिर को अपना बनाने के लिए दो दिन पहले मड़ियाहू तहसील में स्थित रजिस्ट्रार दफ्तर में चंडिका माता मंदिर के नाम से ट्रस्ट बनाने के लिए दस्तावेज पेश किया। जिसकी भनक नगर के के सभासदों एवं कुछ नगरवासी को लगी तो विरोध करना शुरू कर दिया। शनिवार को नितेश सेठ, मनोज सोनकर, राजेंद्र सोनकर, शेरू मौर्य, राकेश गुप्ता रिंकू समेत कई सभासदों ने रजिस्ट्री दफ्तर में पहुंचकर अवसरवादियों द्वारा सरकारी जमीन पर स्थित चंडिका माता मंदिर को ट्रस्ट बनाने का जमकर विरोध किया इसके बाद रजिस्ट्रार ने ट्रस्ट को स्वीकृति देने का कार्य रोक देने का आश्वासन दिया। ट्रस्ट बनाने की सूचना सभासदों ने अधिशासी अधिकारी चंदन सिंह गौड़ को भी दिया गया। जिसके बाद नगर पंचायत कार्यालय सक्रिय हुआ और इसकी जानकारी जिलाधिकारी जौनपुर एवं सीआरओ जौनपुर समेत प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय को भी दिया गया।

फिलहाल अवसरवादियों का ट्रस्ट बनाने का सपना अभी अधूरा रह गया है लेकिन नगर के हिंदू संगठन हो अथवा अन्य संगठन जो मंदिरों के रखरखाव के हिमायती कहे जा रहे हैं वह अपनी चुप्पी सादे हुए हैं। ऐसा लगता है कि उन अवसरवादियों के साथ वह भी मिलकर मौन स्वीकृति ट्रस्ट बनाने में दे रहे हैं।
इस संबंध में नगर अधिशासी अधिकारी चंदन सिंह गौड़ ने बताया कि सरकार द्वारा चंडिका देवी मंदिर पर लाखों रुपए खर्च हो रहा है वह किसी की व्यक्तिगत मंदिर नहीं है बल्कि वह सरकारी जमीन पर मंदिर बनी हुई है और सरकारी पैसे से जीणोद्धार हो रहा है ट्रस्ट बनाना पूरी तरह गैर कानूनी है, जरूरत पड़ेगी तो इस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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