MARIYAHU. जौनपुर जिले के मड़ियाहूं तहसील में अधिवक्ता की जमीन के मामले में दबंगों द्वारा उत्पात मचाने पर वकीलों ने गुरुवार की सुबह जमकर हंगामा मचाया और मड़ियाहूं कोतवाल से मिलकर घटना का पटाक्षेप करने की मांग किया।
बताया जाता है शिव बहादुर सरोज मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र के राजापुर विट्ठल भट्ट गांव के निवासी हैं और मड़ियाहूं तहसील में अधिवक्ता है वह अपनी बाप दादा की पुस्तैनी आबादी की जमीन में मकान एवं पेड़ आदि लगाकर आबाद हैं और इसी आबादी भूमि वर्ष 2005 से ही पक्का मकान बनाकर रह रहे हैं और उसके दूसरे तल पर बनवाने के लिए दीवाल भी खड़ी किया है। 4 नवंबर को दूसरी तल के छत ढलवाने का कार्य अधिवक्ता ने शुरू करवाया। आरोप है कि इसी बीच गांव के चंद्रभूषण पांडेय, रोहित पांडेय पुत्रगण सहदेव पांडेय एवं आदित्य पांडेय उर्फ गोलू पुत्र चंद्र भूषण पांडेय अपनी सहयोगी त्रिलोकी नाथ दुबे, ओंकार नाथ दुबे के साथ मौके पर पहुंचे और डायल 112 नंबर पुलिस को बुलाकर कार्य को रुकवा दिया। पुलिस वापस जाने पर अधिवक्ता का आरोप है कि उपरोक्त विपक्षी गणों ने जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली गलौज दिया और धमकी दिया कि मकान गिरवा देंगे अधिवक्ता ने बताया कि उस समय मैं कचहरी में था घर से सूचना आने पर प्रार्थी तुरंत घर गया तो रास्ते में डायल हंड्रेड की पुलिस ने कहा कि कोतवाल साहब से जाकर मिल लीजिए और घटना की जानकारी दीजिए। बताते हैं कि वकील साहब वहीं से तुरंत मड़ियाहूं कोतवाली आए और अपनी बात बताई आरोप है कि कोतवाल साहब आरोपी विपक्षी गणों से प्रभावित थे जिसके कारण उन्होंने मुझसे जबरदस्ती सीमांकन करवाने के लिए कागजात पर साइन करवा लिया और कहा कि तब तक निर्माण कार्य नहीं करोगे जब मुझे सीमांकन कराकर नहीं दिखा दोगे तब काम करना। जबकि विपक्षीगण को उन्होंने कुछ भी नहीं कहा सवाल है कि जो काफी अरसे से मकान बनाकर रह रहा है और उसके बाद दूसरे तल की छत ढलाई का काम करने जा रहा हो अधिवक्ता को उल्टे कोतवाल साहब ने पैमाइश करने की बात कह रहे हैं लेकिन विपक्षीगणों को किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं कर रहे हैं। इसके बाद गुरुवार की सुबह कोतवाल की गैर कानूनी फरमान को लेकर बार एसोसिएशन में शिकायत किया। इसके बाद अधिवक्ताओं में आक्रोश हो गया और नायब तहसीलदार रामनगर के कोर्ट को बंद करवाने के लिए जमकर नारेबाजी किया गया। इसके बाद तहसील बार अध्यक्ष समेत काफी संख्या में अधिवक्ता कोतवाल से मिलकर अधिवक्ता के मामले को हल करने की बात कही है। मड़ियाहूं तहसील के जाने-माने वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष कुमार सिंह ने कहा कि अधिवक्ता शिव बहादुर सरोज के दूसरे तले की छत को रोका जाना विधि विरुद्ध है और प्राकृतिक न्याय के भी विरुद्ध है। यदि विपक्षी को रोकना था तो प्रथम तल पर ही रोका जाना चाहिए था।
मामले में विपक्षी गण किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया कार्यालय पर आकर देंगे तो उनका भी बीआरसी 24 न्यूज़ पर बात रखी जाएगी।
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