JAUNPUR. जौनपुर जिले की बदलापुर कोतवाली क्षेत्र में आयोजित पशु मेले से अपना भैंस बेचकर दो व्यापारी लौट रहे थे कि आरोप है कि एसओजी टीम द्वारा बिक्री के पैसे समेत घर से भी कुछ पैसे मंगवाकर ले लेने के बाद छोड़ देने का मामला एक्स पर शिकायत के बाद गरमा गया है। पुलिस अधीक्षक ने इसकी जांच सीओ सदर को सौंप दिया है। गुरुवार तक जांच रिपोर्ट एसपी को मिलने की संभावना है। घटना 5 दिन पूर्व यानी 1 जून की बताई जाती है।
जिले में एसओजी टीम द्वारा लाखों रुपए लेने की क्या मामला था
बीते एक जून को बदलापुर में एक क्षत्रिय बिरादरी द्वारा पशु मेले का आयोजन किया गया था। इसी मेले में मडियाहू नगर के कजियाना मोहल्ला स्थित असलम के घर से दो युवक दुधारू भैंस लेकर बेचने के लिए गए थे। दोनों भैंस की बिक्री से 1.8 लाख रुपए मिला था। जिसे लेकर दोनों युवक घर लौट रहे थे आरोप है कि इसी बीच बदलापुर कोतवाली क्षेत्र के रास्ते में एसओजी टीम ने इनको रोक लिया और व्यापारियों से व्यापार के बारे में जानकारी किया जब पता चला कि यह पशु बेचने का काम करते हैं तो व्यापारियों को पशु तस्करी करने वाला बताते हुए भैंस बिक्री के सारे पैसों को ले लिया गया। उसके बाद दोनों को छोड़ने के लिए घर से कुछ और पैसों को मंगाया गया तब जाकर व्यापारियों को छोड़ा गया। टीम द्वारा छूटने के बाद बदहवास मेहनत के पैसे गंवाने का सदमा लेकर युवक घर पहुंचे और आप बीती पास पड़ोस के लोगों को बताया। इसके बाद इसकी जानकारी केंद्र की राजधानी में यूपीएससी की तैयारी कर रहे भतीजों को भी दिया।
भतीजे ने जानकारी पाते ही ऐसा क्या किया कि पुलिस महकमें के उड़े होश
पीड़ित के भतीजे ने जैसी जानकारी पाई सोशल मीडिया के ऐक्स अकाउंट से यूपी के मुख्यमंत्री, डीआईजी वाराणसी, पुलिस अधीक्षक जौनपुर समेत अन्य पुलिस के अधिकारियों को एसओजी टीम द्वारा किए गए कार्यों से न्याय दिलाने की मांग किया। एक्स ट्वीट होते ही पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया वहीं ट्विटर अकाउंट पर एसओजी टीम के लिए कमेंटो की बौछार शुरू हो गई। व्यापारियों से लाखों रुपए ले लेने को लोग लूटने की घटना से देखने लगे।
पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने दिया तुरंत जांच का आदेश
एक्स ट्विटर पर मामला हाई प्रोफाइल चलने के बाद जौनपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने तुरंत मामले की जांच सदर के क्षेत्राधिकारी परमानंद को सौंप दिया और आदेश दिया कि मड़ियाहूं पहुंचकर पीड़ित के बयान लेकर गुरुवार तक जांच रिपोर्ट सौंपा जाए जिससे संबंधित लोगों पर कार्रवाई किया जा सके।
जांच की आदेश पर अपने बचाव में एसओजी की टीम ने क्या किया
जौनपुर पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ के द्वारा ट्वीट को आधार मानकर जांच के आदेश की सूचना जैसे ही एसओजी टीम को मिली भागकर मड़ियाहूं नगर के कजियाना मोहल्ले में स्थानीय पुलिस के साथ पहुंचे। और पीड़ित परिवारों से माफीनामा की लिखित दरखास्त देने का दबाव बनाया गया। और टीम ने यह भी कहा कि जितनी पैसा हम लोगों ने लिया है वह तुरंत वापस कर रहे हैं। लेकिन पीड़ित परिवार तैयार नहीं हो रहा था तो कुछ संभ्रांत लोगों को भी मौके पर बुलाया गया तब जाकर पीड़ित परिवार इस शर्त पर तैयार हुए कि हमारे पहचान के वकील ही लिखेंगे। इसके बाद मौके पर दीवानी और मड़ियाहूं तहसील के अधिवक्ता अनिसुर्रहमान को बुलाया गया। अधिवक्ता के सामने पुलिस ने निवेदन के साथ पहले ट्वीट को डिलीट कराया फिर समझौते की बात हुई।
एसओजी टीम द्वारा पकड़े गए युवकों को कहां-कहां घुमाया गया
अमर उजाला में छपी खबर को माना जाए तो एसओजी टीम ने व्यापारियों की गाड़ी को ओवरटेक कर रोक लिया। टीम ने व्यापारियों को महाराजगंज एक चौकी पर ले गई जहां कुछ देर बाद बदलापुर थाने पर ले जाया गया जहां उन्हें गाड़ी में ही रखा गया इसके बाद पुलिस लाइन ले गए। एक पीड़ित युवक ने बताया कि एसओजी टीम द्वारा उनके पास से 1.16 लाख इसके बाद उन्हें छोड़ने के लिए 42 हजार घर से मंगाया गया।

एसपी के जांच आदेश के बाद पहुंचे सदर के सीओ
बुधवार की सुबह करीब 12:00 बजे सदर के क्षेत्राधिकारी परमानंद कुशवाहा मामले की जांच करने के लिए मड़ियाहूं कोतवाली में पहुंचे। थोड़ी देर बाद पीड़ित युवकों में से एक युवक को नगर के दैनिक अखबार के पत्रकार के साथ जांच के लिए सीओ के सामने प्रस्तुत किया गया। करीब 1 घंटे तक अंदर सीओ साहब पूछताछ करते रहे। सूत्र बताते हैं कि सीओ साहब युवक का क्रिमिनल हिस्ट्री, भैंस को कहां से खरीदा और कहां बेचा, एसओजी टीम में किसने पैसा लिया था उनका भी नाम पूछा और कितना पैसा दिया गया इसकी भी जानकारी लिया गया। उसके बाद करीब 3:00 बजे क्षेत्राधिकारी सदनर जनपद के लिए रवाना हुए।
मामले में मड़ियाहूं क्षेत्राधिकारी गिरेंद्र कुमार सिंह से जब जानकारी चाही गई तो उन्होंने साफ कहा कि मुझे कोई घटना की जानकारी नहीं है।
इस संबंध में जिले की एक चैनल के पत्रकार अजीत सिंह ने पुलिस अधीक्षक डॉ.कौस्तुभ से जानकारी चाही तो उन्होंने बताया कि घटना सही है इसकी जांच क्षेत्राधिकारी परमानंद को दिया गया है गुरुवार तक रिपोर्ट आ जाने के बाद जानकारी से अवगत कराया जाएगा।
वही अमर उजाला में छपी खबर को माना जाए तो पुलिस अधीक्षक ने बताया कि युवकों को पशु तस्कर होने की आशंका से उठाया गया था।

यह समाचार आप तक पहुंचाया जा रहा है पीड़ितों के मौखिक बयान, पड़ोसियों, जनपद के पत्रकारों के बयान और मौके पर पहुंचे अधिवक्ता, बीआरसी 24 न्यूज़ के रिपोर्टर एवं एवं अखबार की लेख से जानकारी लेकर लिखी गई है।
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