MARIYAHU. जौनपुर जिले के मड़ियाहूं तहसील के लेखपाल द्वारा अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर वकीलों को दलाल बताने जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने के मामले में तहसील बार एसोसिएशन ने बुधवार को लेखपाल के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया और उसके द्वारा किए गए कृत्यों की निंदा भी किया।

बुधवार को तहसील खुलते ही रामपुर सर्किल के लेखपाल मनोज कुमार यादव के द्वारा व्हाट्सएप स्टेटस पर वकीलों को दलाल बताने जैसे शब्दों का वायरल चिंगारी देखते ही देखते शोला का रूप ले लिया। सुबह से ही वकीलों में लेखपाल की तरह गुस्सा बढ़ता गया और 11:00 बजे बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सूर्यमणि यादव एवं महामंत्री देवेंद्र त्रिपाठी के नेतृत्व में सैकड़ों अधिवक्ता मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए पुरे तहसील का चक्रमण किया। और एसडीएम कार्यालय तहसीलदार कार्यालय नायक तहसीलदार कार्यालय सभी को बंद करवा दिया चक्रवर्ती के दौरान जब अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए लेखपाल हाल के सामने पहुंचे अधिवक्ता बेकाबू हो गए और काफी संख्या में अधिवक्ता मनोज यादव को हाल के अंदर घुसकर ढूंढने लगे लेकिन अंदर लेखपाल नहीं मिला। इसके बाद अध्यक्ष सूर्यमणि यादव ने सभी अधिवक्ताओं को निकाल कर चक्रमण को आगे बढ़ाया। लेखपाल मनोज यादव की कृत्य की सभी अधिवक्ताओं और अधिकारियों ने भी जमकर निंदा किया। उसके बाद अध्यक्ष सूर्यमणि यादव ने अधिवक्ताओं से कहा कि गुरुवार को साधारण सभा की बैठक कर लेखपाल के खिलाफ निर्णय लिया जाएगा।
मामले को स्वत: संज्ञान में लेते हुए नवागत एसडीएम सुनील कुमार ने इस संबंध में अध्यक्ष सूर्यमणि यादव एवं महामंत्री देवेंद्र त्रिपाठी से बुलाकर कहा कि लेखपाल ने खुद नहीं कहा है बल्कि किसी न्यूज़ का कटिंग अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर डाला है। जिस पर महामंत्री ने एसडीएम को जवाब दिया कि यह न्यूज़ की कटिंग नहीं बल्कि उनके द्वारा लिखा गया शब्द है जो स्टेटस पर लगाया गया है।
आपको बता दे की आईटी अधिनियम की बारीकियों से अध्ययन किया जाए तो बिना सोचे समझे जिस किसी भी व्यक्ति समुदाय का मानहानि होता है कोई भी आर्टिकल सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचारित एवं प्रसारित करना गलत है। अगर माना जाए कि लेखपाल किसी न्यूज़ की कटिंग को अपने स्टेटस पर लगाया था तो भी गलत है क्योंकि कटिंग को लगाना अथवा किसी दूसरे सोशल मीडिया पर शेयर करना आईटी अधिनियम में उसकी सहमति माना जाएगा।
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