JAUNPUR. जौनपुर जिले के एक मशहूर ब्लैक मेलर पत्रकार और एक संगठन के जिलाध्यक्ष एवं एक चैनल पत्रकार के हाथों पीटने वाले तामीर हसन शिबू के ऊपर एक महिला डॉक्टर ब्लैकमेलिंग करने का वीडियो वायरल कर अपनी जान बचाने की मांग जिलाधिकारी से लेकर हाईकोर्ट तक कर रही है।

जब उनकी ब्लैकमेलिंग की गाथा प्रतीकात्मक रूप से बीआरसी 24 न्यूज़ के पोर्टल पर चलाई गई तो संगठन का जिलाध्यक्ष अपना समाचार समझकर बौखला गए। उन्होंने तुरंत तैयारी करके फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया पर पत्रकार बृजराज चौरसिया का एक माफी नामा का वीडियो वायरल कर यह बताने लगे की ब्राह्मण समाज के साथ गलती किया था तो वह प्रशासन एवं ब्राह्मण समाज के सामने बैठकर माफी मांग रहे हैं।
आखिर ब्लैकमेलर जो ब्लैकमेलिंग का रोटी खा रहा हो इस बात को समझेगे भी कैसे! उनके बुजुर्गों ने कहा था अगर भूल चूक से किसी कार्य में गलती का एहसास हो जाए तो उसे क्षमा मांग लेना ही श्रेयस्कर होता है। लेकिन पत्रकारों के हाथों पिटने वाला संगठन का जिलाध्यक्ष को कहां पता की ब्लैकमेलिंग का आरोप लगने के बाद भी अपने पत्रकारिता का धौंस जमाने से बाज नहीं आ रहा है और अपने पोर्टल समाचार के माध्यम से महिला डॉक्टर की जांच करने की अफवाहें लगातार सोशल मीडिया पर फैला रहे हैं।
तामीर हसन शिबू की बोली भाषा ऐसा है कि मानो वह पत्रकार नहीं बल्कि महामानव बोल रहे है। तामीर हसन बात-बात में प्रशासन को भी चलेंज करता रहता है अगर मेरी जानकारी सही है तो वह कुछ ही दिन से एक संगठन का जिलाध्यक्ष बनाया गया है। जिलाध्यक्ष बनते ही वह पत्रकारों से कहते फिर रहा है कि अगर मेरे ऊपर कोई आंच आई तो हम जौनपुर से लेकर दिल्ली तक हिला देंगे। यह महाशय जैसे जिलाध्यक्ष से ऐसा लग रहा है मानो तोप बन गए हैं।
लेकिन जब उन महाशय का अवैध रूप से बनी बिल्डिंग गिरने के लिए बुलडोजर खड़ा हुआ तो एक संगठन के जिलाध्यक्ष के घर जाकर अपनी बेइज्जती होने का दुहाई देने लगे तब जाकर जिलाध्यक्ष ने एडीएम जौनपुर से समझौता कराया। उसे समय उनकी जौनपुर से लेकर दिल्ली तक हिलाने की बात नहीं निकली। उनके विषय में इससे ज्यादा मैं कुछ नहीं लिखूंगा। आप इतना समझिए कि जब इनके पर बनती है तब वह नाक रगड़ने से भी बाज नहीं आते है। नहीं तो कोर्ट कचहरी में मानहानि का दावा करने का लोगों को धौंस देते रहते है।
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