MARIYHU.जौनपुर जिले के मड़ियाहूं तहसील में तहसील बार एसोसिएशन के चुनाव में नान सीओपी धारकों में चुनाव में प्रत्याशी बनाने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। चुनाव नहीं लड़ पाने के कारण नान सीओपी धारक अधिवक्ताओं में आक्रोश व्याप्त है।
बता दे की मड़ियाहूं तहसील में तहसील बार एसोसिएशन के चुनाव की प्रक्रिया शुरू है। अभी तक मतदाताओं का वोटर लिस्ट जारी हो गया है। चुनाव में भाग नहीं ले पाने के कारण कुछ नान सीओपी धारक चुनाव प्रक्रिया पर नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। इसी के तहत सोमवार को पूर्व महामंत्री एवं वरिष्ठ अधिवक्ता गुलाबचंद एडवोकेट ने तहसील बार एसोसिएशन के वर्तमान एल्डर कमेटी अध्यक्ष को ज्ञापन देकर अपना रोष प्रकट किया है। ज्ञापन में उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में होने जा रहे चुनाव के लिए बाहर मतदाता सूची प्रकाशित कर चश्पा की गई है जिसमें एक सूची सीओपी धारकों की है। तथा दूसरी सूची नान सीओपी धारकों की है। गुलाबचंद दुबे ने ज्ञापन में बताया कि मेरा नाम भी नान सीओपी की सूची में है। उन्होंने कहा कि चर्चा के अनुसार मालूम हुआ है कि नान सीओपी धारक मतदान तो कर सकते हैं लेकिन प्रत्याशी नहीं हो सकते हैं। जबकि साधारण सभा ने सर्वसम्मति से नान सीओपी धारकों को भी मतदान करने एवं चुनाव लड़ने हेतु प्रस्ताव पारित किया गया था, उन्होंने कहा कि अध्यक्ष व महामंत्री का निर्णय सीधे-सीधे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है एवं मौलिक अधिकारों का हनन है। नान सीओपी धारक पूर्व महामंत्री गुलाब दुबे ने एल्डर कमेटी से सवाल किया कि जब मतदान का अधिकार नान सीओपी धारकों को दिया गया तो चुनाव लड़ने का अधिकार क्यों नहीं दिया जा सकता! उन्होंने सुझाव दिया कि एल्डर कमेटी अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए चुनाव लड़ने के लिए नान सीओपी धारकों को आदेशित करते हुए कंटक मार्ग को प्रशस्त किया जाए।

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