MARIYAHU. जौनपुर जिले के मड़ियाहूं नगर में गणपति पूजा पर बनाए गए पंडालों में सुरक्षा को लेकर प्रश्न चिन्ह लगना शुरू हो गया है। पंडालों में कोई भी सुरक्षात्मक व्यवस्था नहीं होने से लोगों की जान पर बन आ रही है। सरकारी अफसरान केवल कागजों पर पंडालों की सुरक्षा करते देखे जा रहे हैं। हादसा हो जाने के बाद भी शासन प्रशासन सुरक्षा के दृष्टि से असंवेदनशील बनी हुई है जिसके कारण रविवार की शाम मासूम बच्ची की मौत, सुरक्षा की एक चूक माना जा रहा है। अभी नवरात्र का माह बाकी है जिसमें 9 दिनों तक ग्रामीण अंचल एवं हाईवे पर हाईटेंशन इलेक्ट्रिक करंट दौड़ता नजर आएगा।
आपको बता दे की समूचे मड़ियाहूं नगर में सरकारी आंकड़ों की बात करें तो दुर्गा पूजा में 80 पंडाल बनेगा, और तहसील में लगभग 20 गणपति पंडालों का भव्य स्थापना हुआ है। जिसमें केवल मड़ियाहूं नगर में आठ गणपति पूजा पंडाल की स्थापना है। उसी में काजीकोट मोहल्ले में स्थित श्री गणपति मित्र मंडल भी स्थापित है। इस पूजा पंडाल में रविवार को सृष्टि नामक 6 वर्षीय बालिका की करंट लगने से मौत हो गई। मौत के बाद से अब शासन प्रशासन को सूचना देने वाली स्थानीय खुफिया इकाई के अफसरान से जब बात किया गया, तो उन्होंने बताया कि श्री गणपति मित्र मंडल हमारी गजट में नहीं है। सवाल यह उत्पन्न होता है की जब शासन प्रशासन के गैजेट में श्री गणपति मित्र मंडल स्थापित नहीं है तो यह पूजा किसके इशारे पर अवैध तरीके से किया जा रहा था जहां पर केवल मौत दौड़ाई जा रही थी इसकी सुरक्षा की मानक को कोई परखने वाला नहीं था।
उप जिलाधिकारी कार्यालय में भी पूजा पंडालों का नहीं रहता रिकॉर्ड
इस संबंध में उपजिलाधिकारी कार्यालय मड़ियाहूं से जब जानकारी चाही गई कि नगर एवं आसपास के क्षेत्र में गणपति के लिए कितने पूजा पंडाल की स्थापना हुई है और इनकी मानक क्या है जिसका जवाब बैठे बाबू नहीं दे पाए बल्कि बताएं कि हमारे यहां कोई रिकॉर्ड नहीं है कि कितनी पूजा पंडाल तहसील क्षेत्र में स्थापित है ना तो किसी की पासिंग है।

मासूम सृष्टि की मौत के बाद घटनास्थल वाली पूजा पंडाल खाली
बताया जा रहा है कि मासूम सृष्टि की मौत के बाद पूजा पंडाल वीरान पड़ा हुआ है रात से ही पंडाल के सजावट में लगाई गई समस्त लोहे की पाइप को हटाकर एक गुप्त स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। सजावट करने
वालों को आशंका थी कि सरकारी अफसरान अथवा विद्युत अधिकारी सोमवार को चेकिंग कर कार्रवाई कर सकते हैं जिसके कारण लाइटिंग व्यवस्था को वहां से हटा दिया गया है और यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि कोई भी विद्युत करंट यहां नहीं दौड़ रहा था बल्कि बच्ची की मौत अकस्मात हो गई।
मासूम बच्ची की मौत को न्याय मिले अथवा ना मिले लेकिन प्रशासन अगर आने वाले दिनों में हरकत में नहीं आई तो निश्चित ही पूजा पंडालों में बड़ी घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता है
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