BARASATHI. बरसठी विकासखंड के रसुलहा ग्राम पंचायत में ग्राम पंचायत निधि से प्रधान सचिव व सीईपीआरडी की मिलीभगत से लाखों रुपए के गबन का मामला प्रकाश में आया है जब त्रिस्तरीय कमेटी गांव में पहुंचकर गांव में कराए गए कार्यों का मौके पर सत्यापन किया तो शिकायतकर्ता द्वारा लगाया गया लाखों रुपए के गबन का आरोप सही पाया गया। त्रिस्तरीय कमेटी द्वारा दिए गए जांच रिपोर्ट के आधार पर खंड विकास अधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को आरोप पत्र भेज दिया।
जानकारी के अनुसार बता दे कि रसुलहा ग्राम पंचायत निवासी आत्माराम पटेल ने खंड विकास अधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि गांव में प्रधान सचिव व सीईपीआरडी द्वारा जमकर फर्जीवाड़ा करके भुगतान निकाला जा रहा है मामला को संज्ञान में लेते हुए खंड विकास अधिकारी वर्षा बंग ने त्रिस्तरीय कमेटी गठित कर दी। जिसमें एडीओ (आइएसबी), दीप कुमार श्रीवास्तव,अवर अभियंता (आरईडी) सत्यम सिंह और तकनीकी सहायक हरी प्रकाश सिंह ने गांव में जाकर जांच किया तो 51 स्ट्रीट लाइट लगी हुई थी लेकिन कुछ ही समय में अधिकतम लाइटे जलना बंद हो गई तथा उन सभी लाइटों का भुगतान जिम्मेदार लोगों द्वारा कर दिया गया। पीडब्लूडी से डीह बाबा तक इंटरलॉकिंग कार्य कुल धनराशि 245074,आलमगंज पिच रोड से कमलेश के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य कुल धनराशि 127685 और पीडब्लूडी से डीह बाबा तक इंटरलॉकिंग कार्य कुल धनराशि 51939 रुपये निकाला गया। व्यय धनराशि के मुताबिक कार्य गुणवत्ता विहीन कराया गया। इंटरलॉकिंग ईट में एम30 का उपयोग नहीं किया गया और ना ही पीसीसी करायी गई। इस प्रकार कुल 305698 रुपये की धनराशि निकाली गई। इसी प्रकार सोख्ता निर्माण में वास्तविक कार्य के सापेक्ष अधिक धनराशि 11818 रुपये अधिक निकाला गया। सचिव के द्वारा राम सनेही पुत्र बरखु का रिबोर दिखाकर दो बार भुगतान किया गया। इस प्रकार प्रधान सचिव व सीईपीआरडी कुल 317516 रुपये की वित्तीय अनियमितता पाई गई। रिपोर्ट आने के बाद खण्ड विकास अधिकारी वर्षा बंग ने प्रधान अनीता पटेल,तत्कालीन सचिव अमित यादव और सीईपीआरडी विकास यादव के खिलाफ जांच की गई रिपोर्ट को मुख्य विकास अधिकारी के पास भेज कर कार्रवाई की मांग की है। मामला प्रकाश में आने के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है।
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