जौनपुर। विगत दिनों सरपतहां थाना क्षेत्र के चेतरहा गांव के राजधरपुर गंगातारा मजरे में हुई चोरी के मामले में जेल भेजे गए महमूदपुर गांव निवासी अजीत कुमार (22) पुत्र बनवारी लाल की शुक्रवार रात मौत हो जाने की खबर पाते ही मृतक की मां कैलाशी फफक कर जहां रो पड़ी, वहीं घटना की जानकारी होते ही समूचे मजरे में सन्नाटा पसर गया।
गौरतलब हो कि उक्त गांव में हुई चोरी के मामले में आरोपी युवक अजीत के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए सरपतहा पुलिस ने चोरी गए माल बरामदगी के दावे के साथ गुरुवार को जेल भेज दिया था। इसी बीच आरोपी की तबीयत खराब हो जाने पर शुक्रवार शाम उसे जेल प्रशासन द्वारा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर रात उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी होते ही जिला प्रशासन समेत अन्य के हाथ पांव फूल गए। परिजनों को सूचना देने के साथ ही पुलिस मामले में शव को पोस्टमार्टम घर भिजवाया।
इधर गांव में मौत की खबर पाते ही मृतक की मां फफक कर रो पड़ी। मृतक की मां की मानें तो पुलिसिया कार्य प्रणाली सवालों के घेरे में आ गई। मां ने बताया कि विगत 16 फरवरी को भोर में घर से उठाया गए बेटे को किन परिस्थितियों में 19 फरवरी को जेल भेजा गया? आखिरकार चार दिनों तक कौन सी जांच पड़ताल कर रही थी सरपतहा पुलिस? मृतक की मां का आरोप है कि मनगढ़ंत कहानी के आधार पर पुलिस दबाव में आकर एक निर्दोष को चोरी का मुकदमा दर्ज कर अपनी पीठ थपथपा रही थी। जेल में निरुद्ध होने के बाद हालत बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई, जिसकी जिम्मेदारी जेल प्रशासन और सरपतहा पुलिस की है। फिलहाल मामले को लेकर परिजनों समेत ग्रामीणों में आक्रोश है। मृतक अपने माता-पिता का सबसे छोटा संतान रहा। मृतक का बड़ा भाई शादी शुदा एक दिव्यांग जीवन बिता रहा है और मृतक भी वर्तमान में रोजी रोटी के सिलसिले में बाहर रहकर घर आया हुआ था। माता-पिता भी मेहनत मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते हैं। बेटे की याद में मां का रो रोकर बुरा हाल है।
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