जौनपुर। जिले के मड़ियाहूं विकासखंड के गनापुर गांव में अधिवक्ता की भूमिधरी जमीन पर जबरदस्ती खड़ंजा बनाकर सड़क बनाएं जाने पर अधिवक्ताओं में आक्रोश व्याप्त हो गया। कई हफ्ते तक शिकायत के बाद भी जब एसडीएम ने नहीं सुना तब मंगलवार को अधिवक्ताओं ने एसडीएम को शांतिपूर्ण तरीके से घेराव कर चेंबर में घंटो एसडीएम को घेरे रखा। तब जाकर एसडीएम की कुंभकर्णी नींद खुली और उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई।

बताया जाता है कि गनापुर निवासी अधिवक्ता चंद्र प्रकाश सिंह मड़ियाहूं तहसील में अधिवक्ता है। आरोप है कि बीते 10 अप्रैल को ग्राम प्रधान कमलेश्वरी ने अधिवक्ता की जमीन पर रात में 65 लाठा लंबा और 12 फीट चौड़ा खड़ंजा बनाकर रोड निर्माण कर डाला। जब अधिवक्ता को रात में भूमिधरी पर खड़ंजा लगाए जाने की सूचना मिली तो वह परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे लेकिन बताते हैं कि ग्राम प्रधान दबंगों के साथ अधिवक्ता को जान से मारने की धमकी देने लगी। अधिवक्ता का आरोप है कि कमलेश्वरी प्रधान का बेटा अपराधिक कृतियों में लिप्त रहता है और कई धाराओं में थाना सिकरारा में मामला दर्ज है। रात में ग्राम प्रधान द्वारा धमकी दिए जाने के कारण मुझे डर लग गया और मैं घर लौट आया। दूसरे दिन तहसील जाकर अधिकारियों को जानकारी दिया। इसके बाद एसडीएम ने नायब तहसीलदार अमित कुमार सिंह से मौके की स्थिति की रिपोर्ट मांगी, बताते हैं कि नायब तहसीलदार ने अपनी रिपोर्ट में अधिवक्ता की भूमिधरी होने की पुष्टि किया और खड़ंजा भी अवैधानिक तरीके से बना होना बताया।
इसके बावजूद तब से आज तक अधिकारी अधिवक्ता की बात को ढाक के तीन पात की तरह उनकी शिकायतों को कुड़े कचरे में डालते रहे।
मंगलवार को अधिवक्ता का आक्रोश गहरा गया और वर्तमान तहसील बार एसोसिएशन अध्यक्ष घनश्याम मिश्रा और महामंत्री अशोक कुमार यादव के साथ पूर्व अध्यक्ष कृष्ण कुमार सिंह, सूर्यमणि यादव की अध्यक्षता में काफी संख्या अधिवक्ताओं के साथ पहुंचकर एसडीएम चेंबर में बैठे एसडीएम नवीन कुमार का घेराव करते हुए अपनी बात रखी लेकिन एसडीएम हीलाहवाली करते रहे। अधिवक्ताओं ने एसडीएम नवीन कुमार से कहा कि जब तक अधिवक्ता का भूमिधरी जमीन खाली नहीं होता तब तक बाहर नहीं जाएगे। मामले के गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने तुरंत ब्लॉक के वीडियो को फोन कर रिपोर्ट मांगा लेकिन खण्ड विकास अधिकारी रिपोर्ट देने में आनाकानी करने लगा। इसके बाद एसडीएम ने जिलाधिकारी से शिकायत करने की बात कही तब जाकर खण्ड विकास अधिकारी नरम पड़ा। लेकिन अधिवक्ता चेंबर छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुए और अधिवक्ता की जमीन को खाली कराने पर अड़े रहे। बाद में एसडीएम ने 2 घंटे का समय मांगा।

एसडीएम का घेराव कैसे हुआ खत्म
अधिवक्ता की जमीन पर जबरदस्ती रातों-रात खड़ंजा निर्माण को लेकर घेराव कर रहे अधिवक्ताओं को चेंबर से बाहर नहीं जाने के कारण जन सुनवाई के लिए बाहर लंबी फरियादियों की लाइन लग गई तब एसडीएम ने चाय बुलवाया और सभी घेराव कर रहे अधिवक्ताओं को चाय पिलाकर गुस्से को शांत कराया और आश्वासन दिया कि 2 घंटे बाद मामले का पटाक्षेप कराया जाएगा। तब जाकर अधिवक्ता चैंबर से बाहर निकले।
कौन-कौन अधिवक्ता घेराव के समय रहे मौजूद
इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रेश यादव, प्रदीप चौरसिया, यादव, बीएल यादव पूर्व महामंत्री, अरुण कुमार सिंह, केवल यादव, बबलू यादव, विजय यादव समेत काफी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
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