जौनपुर। जिले के रामपुर बाजार में स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में आईजीआरएस की शिकायत पर प्रभारी चिकित्साधिकारी द्वारा जांच करने के बाद चिकित्सकीय कार्य करने के लिए कोई भी वैध कागजात नहीं दिखाने पर थाने पहुंचकर मेडिकल काउंसिल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराकर अस्पताल सीज करने का दावा किया। लेकिन प्रभारी चिकित्साधिकारी ने उक्त अस्पताल में भर्ती मरीजों और झोलाछाप डॉक्टर पर मेहरबान नजर आ रहे हैं। जिसके कारण सीज अस्पताल में मरीजों का इलाज अनवरत जारी है।

बताया जाता है कि रामपुर नगर पंचायत निवासी आसिफ अली मुख्यमंत्री पोर्टल पर कृष्णा हॉस्पिटल की आईजीआरएस के माध्यम से गलत इंजेक्शन लगाकर लापरवाही पूर्वक इलाज करने का शिकायत किया था। जांच के बाद प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने प्रशासन के सहयोग से कृष्णा हॉस्पिटल के डॉक्टर की केबिन को सीज कर दिया। और जिस रूम में मरीज को भर्ती कर इलाज किया जाता रहा उसको पूरी तरह खोल दिया गया और उक्त झोलाछाप डॉक्टर मरीजों का इलाज करते हुए उनके जीवन से खिलवाड़ कर रहा था।

सोमवार की शाम 5:30 बजे अस्पताल के सीज होने की जानकारी पत्रकारों के होने पर वह मौके पर पहुंचे तो वहां मरीज का इलाज अनवरत जारी रहा और डॉक्टर जहां बैठकर ओपीडी करते थे वह सीज रहा। जिससे अस्पताल के सीज होने की पोल खुल गई और मालूम हो गया कि प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ प्रभात यादव उक्त झोलाछाप डॉक्टर को मरीजों की जीवन के साथ खिलवाड़ करने के लिए खुली छूट दे रखी थी।

क्षेत्रीय लोगों ने नवागत सीएमओ से मांग किया है कि अगर रामपुर चिकित्सा प्रभारी इसी तरह बने रहे तो मरीजों की जीवन के साथ झोलाछाप डॉक्टरों से मिलकर खिलवाड़ होता रहेगा इसलिए उन्हें अन्यत्र हस्तांतरित किया जाए जिससे मरीजों के जीवन बच सके।
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