RAMPUR. जौनपुर जिले की रामपुर थाना परिसर में नवागत थानाध्यक्ष ने प्रथम दिन ही अपनी जनसुनवाई के दौरान दलालों को दूर रखते हुए दो माह से थाने का चक्कर लगा रहे पीड़ित को डेढ़ लाख रुपए दिलवाया। पीड़ित ने थानाध्यक्ष को बारंबार धन्यवाद दिया और कहा कि अगर ऐसे ही थानाध्यक्ष रहेंगे तो निश्चित ही रामपुर थाना परिसर अब दलालों से छुटकारा पा जाएगा।
घटना के संबंध में बताया जाता है कि जवंसीपुर चिथरूआ गांव निवासी अच्छेलाल पटेल रामपुर कठवतिया रोड पर स्थित डा. विजय पटेल के अस्पताल में स्थित लैब पर लैब टेक्नीशियन का काम करता था। इसी बीच अस्पताल के अंदर कुछ काम करवाने के नाम पर लैब टेक्नीशियन से 2 लाख रुपए की मांग किया जिस पर लैब टेक्नीशियन ने घर से मंगाकर 1.70 लाख का ऑनलाइन नगद भुगतान किया। जब टेक्नीशियन ने तीन माह पूर्व जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से पैसे की मांग किया तो वह देने में आनाकानी करने लगा। आरोप है कि डॉक्टर ने लैब टेक्नीशियन को क्षेत्र के कुछ दलालों को बुलाकर धमकी भी दिलवाने लगा। इसके बाद लैब टेक्नीशियन अच्छेलाल पटेल ने पुलिस अधीक्षक से डॉक्टर की शिकायत किया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्कालीन थानाध्यक्ष को पैसा दिलवाने की बात कही लेकिन थाने में दलालों का वर्चस्व होने के कारण टेक्नीशियन को कभी एक लाख तो कभी 90 हजार देने की बात होने लगी। थक हारकर पीड़ित लैब टेक्नीशियन ने अपने गांव के पूर्व ग्राम प्रधान लालजी पटेल को जानकारी दिया। जानकारी मिलते ही पूर्व प्रधान ने बुधवार को थाने का चार्ज ग्रहण कर चुके नवागत थानाध्यक्ष विनोद कुमार से बात किया। नवागत थानाध्यक्ष ने जनता दरबार में गुरुवार की सुबह आने की बात कही। ग्राम प्रधान पीड़ित को लेकर गुरुवार को थाने पहुंचे तो डॉक्टर को भी बुलवाया गया। थानाध्यक्ष ने पूरी बात सुनी तो डेढ़ लाख तुरंत देने का फैसला देकर आवास पर चले गए। पीड़ित लैब टेक्नीशियन की माना जाए तो मनबढ़ डॉक्टर ने थानाध्यक्ष के आवास पर जाते ही फोन कर अपने साथी दलालों को थाने पर बुला लिया और दलालों ने फिर पुराना राग अलापना शुरू कर दिया। थाने के अंदर भी दलालों ने अपना पुराना वर्चस्व समझकर ग्राम प्रधान लालजी पटेल के साथ भी वही बर्ताव करना शुरू किया। जब प्रधान ने कहा की लैब टेक्नीशियन ने ऑनलाइन नगद भुगतान जो किया है वही लूगा अगर उनके दुकान पर रहकर लैब टेक्नीशियन ने 4 – 6 हजार की कमाई किया है तो हम 10 हजार छोड़ देते हैं लेकिन 1.60 लाख रुपए अब चाहिए। इसी बीच थानाध्यक्ष विनोद कुमार आवास से पुनः कार्यालय आ गए। थाने के अंदर दलालों को देखकर उनका माथा ठनका और डॉक्टर की दादागिरी को सुनकर पुलिस कर्मियों से डॉक्टर को तुरंत लॉकअप में डालने की बात कही। ग्राम प्रधान ने बताया कि थानाध्यक्ष के कड़क भाव को देखते हुए डॉक्टर के द्वारा बुलाए गए दलाल थाने के अंदर से धीरे धीरे खिसक लिए और तब डॉक्टर के होश ठिकाने आ गए। डॉक्टर ने तुरंत पीड़ित को एक लाख नगद और 50 हजार का चेक देकर अपना जान बचाई।
इस संबंध में पूर्व ग्राम प्रधान लाल जी पटेल ने बताया कि अगर नवागत थानाध्यक्ष नहीं होते तो थाने के अंदर पहुंचे दलाल कभी भी पैसे नहीं देने देते। मैं थानाध्यक्ष विनोद कुमार को बधाई देता हूं और ऐसा मालूम पड़ता है कि अब रामपुर थाना पूरी तरह दलाल मुक्त हो जाएगा। वहीं पीड़ित अच्छेलाल पटेल भी थानाध्यक्ष विनोद कुमार के द्वारा की गई न्याय को बताते नहीं थक रहा है। पीड़ित लैब टेक्नीशियन ने फोन कर बीआरसी 24 न्यूज़ से नवागत थानाध्यक्ष के कार्यशैली और उनके द्वारा किए गए व्यवहार के विषय में बयां किया लेकिन दलालों का नाम नहीं बता पाया।
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